बसपा की लिस्ट में अबतक 14 मुस्लिम उम्मीदवार, किसका खेल बिगाड़ेंगी मायावती?
UP BSP Candidate list 2024: उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी ने अब तक 80 में से 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें मुस्लिम प्रत्याशियों की संख्या 14 है और पार्टी ने बड़ी संख्या में ब्राह्मण उम्मीदवारों को भी मौका दिया है।
मंगलवार को बसपा ने 11 उम्मीदवारों की पांचवीं लिस्ट जारी की है। इनमें फिर से 3 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। मायावती की पार्टी ने बदायूं से मुस्लिम खां, डुमरियागंज से ख्वाजा समसुद्दीन और वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अतहर जमाल लारी को उतारा है।

बसपा ने 14 मुसलमानों को बनाया उम्मीदवार
इससे पहले पार्टी 11 मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दे चुकी है, जिनमें से अधिकतर मुस्लिम-बहुल पश्चिमी यूपी की ही सीटें हैं। जैसे कि बसपा ने मुरादाबाद, सहारनपुर, रामपुर, संभल, अमरोहा, आंवला, पीलीभीत से लेकर मध्य यूपी की कन्नौज और लखनऊ की सीटों पर भी मुसलमानों को टिकट दिया है। बसपा के मुस्लिम प्रत्याशियों की संख्या सपा से कहीं ज्यादा है।
कुछ सीटों पर लीक से हटकर तय किया नाम
कुछ सीटों पर बसपा के मुस्लिम उम्मीदवारों के नाम चौंकाने वाले हैं। जैसे कि पार्टी ने गोरखपुर से जावेद सिमनानी को टिकट दिया है। हाल के चुनावों में मायावती ने यहां से ब्राह्मण या निषाद उम्मीदवार पर दांव लगाया था। लेकिन, भाजपा की परंपरागत सीट पर इस बार मुस्लिम प्रत्याशी का नाम चौंकाने वाला है। सिमनानी का इलाके में काफी प्रभाव भी माना जाता है।
वाराणसी में भी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट
इसी तरह से बसपा ने वाराणसी में 2009 के बाद पहली बार मुसलमान उम्मीदवार को मौका दिया है। पिछली बार गठबंधन के तहत यहां से सपा लड़ी थी। यूपी में गैर-बीएसपी विपक्षी दलों की ओर से मायावती पर बीजेपी से अंदरूनी तालमेल का आरोप लगाया जाता रहा है। ऐसे में जिस तरह से बसपा ने मुसलमान उम्मीदवारों के प्रति दरियादिली दिखाई है, उनकी चिंताएं बढ़ सकती हैं।
भाजपा के खिलाफ अचानक आक्रमक हो गई है बीएसपी
बसपा यूपी में सिर्फ मुसलमानों को टिकट देकर ही उनके प्रति उदारता नहीं दिखा रही है। उनके लिए ऐसे मुद्दे भी उठा रही है, जो भाजपा के खिलाफ उन्हें गोलबंद करने में मदद कर सकते हैं। मायावती के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने जब लोकसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत की तो उन्होंने बीजेपी के खिलाफ जोरदार हमले किए। पार्टी पर आरोप लगते रहे हैं कि वह पिछले कुछ समय से इससे परहेज करती आई है।
'नई बाबरी मस्जिद' बनाने में सहयोग वाला दांव
आकाश आनंद ने मुसलमानों से यहां तक वादा किया कि जब भी 'नई बाबरी मस्जिद' का निर्माण होगा, बीएसपी उसमें सहयोग देगी। जब अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत वैकल्पिक मस्जिद के लिए सरकार की ओर से जमीन दी गई है और वहां वह बनाई भी जा रही है, तब चुनावों के दौरान मुसलमानों से इस तरह की बातें करना, उनको अपने पक्ष में गोलबंद करने की ही कोशिश मानी जा सकती है।
मुस्लिम वोट काटेगी बसपा तो इंडिया ब्लॉक को नुकसान!
यही नहीं बसपा सुप्रीमो के लिए यूपी में जो रैलियों की योजना तैयार की गई है, उसमें भी मुरादाबाद, नगीना और बिजनौर जैसी मुस्लिम-बहुल लोकसभा सीटें शामिल हैं। बसपा के मुस्लिम प्रत्याशी अपनी-अपनी सीटों पर जितने भी मुस्लिम वोट काटेंगे, उसका सीधा नुकसान इंडिया ब्लॉक को हो सकता है।
ब्राह्मण उम्मीदवारों पर बसपा ने क्यों चला बड़ा दांव?
इसी तरह से मायावती ने ब्राह्मण उम्मीदवारों पर भी बड़ा दांव लगाया है। पांचवीं लिस्ट में भी 2 ब्राह्मण प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है। बीएसपी ने फर्रुखाबाद से क्रांति पांडे और बांदा से मयंक द्विवेदी को उतारा है। इससे पहले पार्टी अकबरपुर से राकेश द्विवेदी, मिर्जापुर से मनीष त्रिपाठी, उन्नाव से अशोक कुमार पांडे, फैजाबाद से सच्चिनांद पांडे और बस्ती से दयाशंकर मिश्रा पर भरोसा जता चुकी है।
चुनाव लोकसभा के हो रहे हैं और उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों को आमतौर पर भाजपा समर्थक माना जाता है। लेकिन, यूपी में ब्राह्मणों का कुछ समूह ऐसा भी है जो प्रदेश सरकार से नाराज बताए जाते हैं। मायावती की पार्टी 2007 में दलित-ब्राह्मण समीकरण का जबर्दस्त फायदा उठा चुकी हैं। ऐसे में अगर बीएसपी, बीजेपी-विरोधी जरा भी ब्राह्मण वोट काटती है, तो इससे भी इससे इंडिया ब्लॉक की ही दिक्कत बढ़ सकती है।












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