Lok Sabha Chunav: कई राज्यों में महिलाएं कर रही हैं ज्यादा वोटिंग,बिहार-झारखंड सबसे आगे, क्या हैं मायने?
Lok Sabha Election: अबतक के 5 चरणों के चुनावों में 427 लोकसभा सीटों के जो आंकड़े जारी हुए हैं, उनमें से 137 यानी लगभग 32% सीटों पर मतदान के मामलों में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है। अगर देश की आधी आबादी एक-तिहाई सीटों पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए उत्साह के साथ बाहर निकली है तो इसके नतीजे चौंकाने वाले होने की संभावना है।
महिलाओं के ज्यादा संख्या में मताधिकार के लिए निकलने के सियासी मायने क्या हैं, उससे पहले यह देख लेना जरूरी है कि यह ट्रेंड किन राज्यों में ज्यादा प्रभावी दिख रहा है। क्योंकि, पिछले कुछ चुनावों का ट्रेंड यह बताता है कि ये मतदाता किसी भी सरकार को बचाने या कुर्सी से उतारने में बहुत ही प्रभावी साबित हो रही हैं।

बिहार-झारखंड में महिला वोटर डाल रही हैं पुरुषों से ज्यादा वोट
427 लोकसभा सीटों पर मतदान के आंकड़ों से पता चलता है कि महिला वोटर इस बार सबसे ज्यादा बिहार और झारखंड में कमाल कर रही हैं। जैसे बिहार में लोकसभा की 40 सीटों में से अबतक 24 सीटों पर मतदान हुआ है। इनमें से 21 सीटें ऐसी हैं, जहां वोट डालने के मामले में महिलाएं, पुरुषों से आगे निकल गई हैं।
बिहार के इन आंकड़ों में एक और बहुत बड़ा तथ्य छिपा है। 24 में से जिन 3 सीटों पर मतदान करने वाली महिलाओं की संख्या पुरुषों से कम रही है, वह सारी पहले चरण की सीटें हैं। उस दौर में सिर्फ जमुई में ही महिलाओं ने अपना जलवा दिखाया है।
इसी तरह बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में लोकसभा की 14 सीटें हैं और 5 दौर में सिर्फ 7 सीटों पर ही वोटिंग हुई है। इन सभी सीटों पर महिला वोटरों ने वोट डालने में बाजी मारी है।
बंगाल में भी महिला मतदाताओं का बोलबाला
झारखंड के साथ ही उससे सटे पश्चिम बंगाल में भी आगे के दोनों चरणों में भी वोटिंग होनी है। लेकिन, यहां की 42 सीटों में से अबतक जिन 25 सीटों पर मतदान हुआ है, उनमें 18 सीटों पर महिलाओं ने अधिक मतदान किया है।
इन राज्यों में महिलाओं वोटरों ने भी दिखाया हौसला
इसी तरह से तमिलनाडु में 39 में से 19, केरल में 20 में से 10, असम में 14 में से 7, आंध्र प्रदेश में 25 में से 6, कर्नाटक में 28 में से 6, ओडिशा (कुल सीट 21) में 9 में से 5,राजस्थान 25 में से 8 और यूपी में 53 में से 9 सीटों पर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने ज्यादा वोटिंग की है।
इनके अलावा अरुणाचल प्रदेश में 2 में से 2, छत्तीसगढ़ में 11 में से 1, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव 2 में से 2, गोवा में 2 में से 1, जम्मू और कश्मीर में 4 में से 2, लद्दाख में 1 में से 1, एमपी में 29 में से 1, मणिपुर में 2 में से 1, मेघालय में 2 में से 2, नगालैंड में 1 में से 1, पुडुचेरी 1 में से 1, तेलंगाना में 17 में से 2, उत्तराखंड में 5 में से 3 सीटों पर वोट डालने में महिलाएं आगे रही हैं।
शासन में हिस्सेदारी चाहती हैं महिलाएं- राजनीति के जानकार
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं को मताधिकार में ज्यादा दिलचस्पी दिखाने से लगता है है कि वह शासन में ज्यादा हिस्सेदारी चाहती हैं।
'कल्याणकारी योजनाओं की लाभार्थियों में महिलाएं ज्यादा हैं'
सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की डायरेक्टर रंजना कुमारी के मुताबिक, 'हम इसी तरह का पैटर्न देख रहे हैं, जिसमें इस चुनाव में कई चुनाव क्षेत्रों में महिलाएं ज्यादा तादाद में मतदान कर रही हैं। कल्याणकारी योजनाओं की लाभार्थियों में महिलाएं ज्यादा हैं।...'
जहां तक महिला लाभार्थियों की बात है तो चुनाव के जानकार बताते हैं कि बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और ओडिशा में नवीन पटनाटक की बीजेडी को इसका भरपूर फायदा मिला है।
इसी तरह से माना जाता है कि यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भाजपा और पश्चिम बंगाल में तृणमूल भी लाभार्थी वोटरों की लाभार्थी रही है। पिछले साल महिला वोटरों ने कर्नाटक में कांग्रेस और छत्तीसगढ़, एमपी,राजस्थान विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत में सहायता कर चुकी हैं।












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