Lok Sabh Elections 2024: 'नया गठबंधन बनाएंगे, अन्नामलाई को हटाने के लिए नहीं कहा' , AIADMK का बड़ा बयान
AIADMK: साल 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले एनडीए को बड़ा झटका तब लगा जब दक्षिण भारत के एक मजबूत साथी ने उसका साथ छोड़ दिया, जी हां यहां बात हो रही है AIADMK की, बीते सोमवार को पार्टी के उप महासचिव केपी मुनुसामी ने कहा कि 'हमने एनडीए से बाहर होने के फैसला किया है।'

इसके बाद सियासी गलियारों में चर्चा काफी गर्म थी कि शायद AIADMK अब इंडिया अलांयस का हिस्सा बन जाए लेकिन इसी बीच AIADMK ने बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया है क्योंकि उसने कहा कि 'वो आगामी संसदीय चुनाव के लिए एक अलग गठबंधन बनाएंगे लेकिन हमारी पार्टी ने भाजपा से उनके प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई को हटाने के लिए नहीं कहा है।'
'यह पूछना भी बचकाना है कि...'
अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता केपी मुनुसामी ने कृष्णागिरि में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 'यह पूछना भी बचकाना है कि क्या अन्नाद्रमुक जैसी बड़ी पार्टी पार्टी किसी और दल के प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग कर सकती है? ये बहुत ही छोटी बात है।'
क्यों उठा ये सवाल?
दरअसल AIADMK से एनडीए के अलग होने की मेन वजह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के कुछ विवादित बयान ही बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि पिछले काफी वक्त से अन्नामलाई ने अन्नाद्रमुक के खिलाफ उग्र रवैया अपनाया हुआ है और उन्होंने जयललिता समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयान दिया था, जिसकी शिकायत AIADMK ने भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से की थी लेकिन अन्नामलाई के खिलाफ बीजेपी की ओर से कोई एक्शन नही लिया गया जिससे नाराज होकर AIADMK को अपना गठबंधन तोड़ना पड़ा।
बीजेपी ने अन्नाद्रमुक को क्यों नहीं दी तवज्जो?
जहां अन्नाद्रमुक ने भाजपा का साथ छोड़ दिया वहीं इस मामले में भाजपा भी फिलहाल चुप है लेकिन राजनीतिक पुरोधाओं के मुताबिक बीजेपी ने जानबूझकर अन्नाद्रमुक को भाव नहीं दिया, जिसके पीछे कारण सनातन धर्म पर उठा विवाद है। मालूम हो कि सनातन को डेंगू -मलेरिया बताने वाले तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन पर भाजपा ने आक्रामक रवैया अपनाया हुआ है लेकिन इस पूरे मसले पर अन्नाद्रमुक का साथ उसे नहीं मिला, शायद इसके पीछे कारण द्रविड़ राजनीति है, इसलिए बीजेपी ने भी अन्नाद्रमुक को तवज्जो नहीं दी।
क्या कहा शरद पवार ने?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि 'DMK इंडिया गठबंधन की सहयोगी पार्टी है इसलिए अन्नाद्रमुक से जुड़ा कोई भी फैसला उनके बिना सलाह के नहीं लिया जाएगा।'












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