लालकृष्ण आडवाणी ने तीन केंद्रीय मंत्रियों के सामने रखा चौंकाने वाला प्रस्ताव
संसदीय दल की बैठक खत्म होने के बाद जब सभी सांसद और मंत्री बाहर निकले तो आडवाणी ने जेटली, रविशंकर प्रसाद और अनंत कुमार को रोक लिया।
नई दिल्ली। मंगलवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के सांसदों की एक अहम बैठक थी। बैठक खत्म हुई तो पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र के तीन मंत्रियों वित्त मंत्री अरुण जेटली, कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार को रोककर उनके सामने एक ऐसा प्रस्ताव रख दिया कि सुनकर तीनों मंत्री चौंक गए।

दरअसल भाजपा संसदीय दल की इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तीन अध्यादेशों का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार अब इन अध्यादेशों को विधेयक के रूप में लेकर आ रही है। जेटली ने यह भी बताया कि इन अध्यादेशों को बार-बार क्यों लाना पड़ा। इन अध्यादेशों में शत्रु संपत्ति अध्यादेश भी शामिल है। उन्होंने बताया कि पहले इसे एक बिल के रूप में लोकसभा में पेश किया गया, जहां यह पारित हो गया, लेकिन राज्यसभा में विपक्ष ने इस बिल पर असहमति जताई और यह बिल राज्यसभा में लटक गया। इसलिए सरकार को इसे लेकर कई बार अध्यादेश जारी करना पड़ा।
मनमोहन, सोनिया से बात करने को तैयार आडवाणी
बैठक खत्म होने के बाद जब सभी सांसद और मंत्री बाहर निकले तो आडवाणी ने जेटली, रविशंकर प्रसाद और अनंत कुमार को रोक लिया। आडवाणी ने तीनों मंत्रियों से कहा कि यह एक बहुत गंभीर मुद्दा है जो देश की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अगर जरूरत पड़ती है तो वो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस मुद्दे पर बात करने को तैयार हैं। आपको बता दें कि संसद में इस समय बजट सत्र चल रहा है और सरकार की कोशिश इस सत्र में अहम बिलों को पास करने की है। ये भी पढ़ें- वाराणसी: BJP कैंडिडेट का वोट काटने चुनावी मैदान में BJP नेता












Click it and Unblock the Notifications