जानें देश के पिछले सभी प्रधानमंत्री की डिग्री के बारे में, कौन-कितने पढ़े लिखे थे?
Prime Ministers Education: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी डिग्री को लेकर घेरने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा है कि देश का प्रधानमंत्री पढ़ा लिखा होना चाहिए ताकि वह देश को सही से संभाल सके।

देश में आज कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा और डिग्री चर्चा का विषय बनी हुई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे पर उन्हें लगातार घेरते नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री की डिग्री को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में आज हम आपलोगों को पिछले सभी प्रधानमंत्रियों की डिग्री और शिक्षा के बारे में बताने जा रहे हैं। जानिए किस प्रधानमंत्री ने कितनी पढ़ाई की है? किसके पास कितनी डिग्री है?
पंडित जवाहर लाल नेहरू(Jawaharlal Nehru)
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने घर पर निजी शिक्षकों से प्राप्त की। पंद्रह साल की उम्र में वे इंग्लैंड चले गए और हैरो में दो साल रहने के बाद उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया जहां से उन्होंने प्राकृतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 1912 में भारत लौटने के बाद वे सीधे राजनीति से जुड़ गए।
गुलजारी लाल नंदा (Gulzarilal Nanda)
गुलजारी लाल नंदा लाहौर, आगरा एवं इलाहाबाद में अपनी शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (1920-1921) में श्रम संबंधी समस्याओं पर एक शोध अध्येता के रूप में कार्य किया एवं 1921 में नेशनल कॉलेज (मुंबई) में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक बने। बता दें कि गुलजारी लाल नंदा देश के सबसे कम समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री थे।
लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri)
लाल बहादुर शास्त्री ने पूर्व मध्य रेलवे इंटर कॉलेज मुगलसराय और वाराणसी में पढ़ाई की. उन्होंने 1926 में काशी विद्यापीठ से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उन्हें विद्या पीठ द्वारा उनके स्नातक की उपाधि के रूप में "शास्त्री" अर्थात "विद्वान" का खिताब दिया गया। शास्त्री महात्मा गांधी और तिलक से बहुत प्रभावित थे।
इंदिरा गांधी(Indira Gandhi)
इंदिरा गांधी 1934-35 में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के पश्चात शान्तिनिकेतन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा निर्मित विश्व-भारती विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। इसके पश्चात इंदिरा इंग्लैंड चली गईं और ऑक्सफोर्ड में प्रवेश के लिए परीक्षा दी लेकिन यह उसमे विफल रहीं। इसके बाद ब्रिस्टल के बैडमिंटन स्कूल में कुछ महीने बिताने के पश्चात, 1937 में फिर से ऑक्सफोर्ड में परीक्षा दीं लेकिन इस बार वह पास कर गईं और सोमरविल कॉलेज में दाखिला लिया।
मोरारजी देसाई(Morarji Desai)
मोरारजी देसाई उन्होंने सेंट बुसर हाई स्कूल से शिक्षा प्राप्त की एवं अपनी मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। तत्कालीन बंबई प्रांत के विल्सन सिविल सेवा से 1918 में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने बाद उन्होंने बारह वर्षों तक डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्य किया।
चौधरी चरण सिंह (chaudhary charan singh)
चौधरी चरण सिंह ने 1923 में विज्ञान से स्नातक की एवं 1925 में आगरा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। कानून में प्रशिक्षित श्री सिंह ने गाजियाबाद से अपने पेशे की शुरुआत की। वे 1929 में मेरठ आ गये और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।
राजीव गांधी (Rajiv Gandhi)
राजीव गांधी का ज्यादातर बचपन तीन मूर्ति भवन में श्री जवाहर लाल नेहरू के साथ बीता। दून स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद श्री गांधी आगे की पढ़ाई के लिए ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज और इंपीरियल कॉलेज (लंदन) गए, जहां उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा ली। इंग्लैंड से घर लौटने पर उन्होंने कॉमर्शियल पायलट का लाइसेंस हासिल किया और बतौर पायलट इंडियन एयरलाइंस में कार्य करना शुरू किया।
विश्वनाथ प्रताप सिंह (Vishwanath Pratap Singh)
विश्वनाथ प्रताप सिंह ने इलाहाबाद और पूना विश्वविद्यालय में अध्ययन किया था। वह 1947-1948 में उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी के विद्यार्थी यूनियन के अध्यक्ष रहे। विश्वनाथ प्रताप सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्टूडेंट यूनियन में उपाध्यक्ष भी थे। 1957 में उन्होंने भूदान आन्दोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
चन्द्र शेखर(Chandra Shekhar)
चन्द्र शेखर अपने छात्र जीवन से ही राजनीति की ओर आकर्षित थे और क्रांतिकारी जोश एवं गर्म स्वभाव वाले वाले आदर्शवादी के रूप में जाने जाते थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (1950-51) से राजनीति विज्ञान में अपनी मास्टर डिग्री करने के बाद वे समाजवादी आंदोलन में शामिल हो गए। उन्हें आचार्य नरेंद्र देव के साथ बहुत निकट से जुड़े होने का सौभाग्य प्राप्त था।
पी. वी. नरसिंह राव (P. V. Narasimha Rao)
पी. वी. नरसिंह राव हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय, मुंबई विश्वविद्यालय एवं नागपुर विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई की। श्री पी.वी. नरसिंह राव के तीन बेटे और पांच बेटियां हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee)
अटल बिहारी वाजपेयी बी॰ए॰ की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (वर्तमान में लक्ष्मीबाई कालेज) में हुई। छात्र जीवन से वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने और तभी से राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे। कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र में एम॰ए॰ की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। उसके बाद उन्होंने अपने पिताजी के साथ-साथ कानपुर में ही एल॰एल॰बी॰ की पढ़ाई भी प्रारम्भ की लेकिन उसे बीच में ही विराम देकर पूरी निष्ठा से संघ के कार्य में जुट गये।
एच. डी. देवेगौड़ा(H. D. Deve Gowda)
1 9 50 के दशक के अंत में उन्होंने एल वी पॉलिटेक्निक, हसन कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा अर्जित किया। अपनी जवानी में, गौड़ा ने अपने पिता को खेती के साथ मदद की।
इंद्र कुमार गुजराल(Inder Kumar Gujral)
इंद्र कुमार गुजराल की शिक्षा दीक्षा डी०ए०वी० कालेज, हैली कॉलेज ऑफ कामर्स और फॉर्मन क्रिश्चियन कॉलेज लाहौर में हुई। अपनी युवावस्था में वे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में शरीक हुए और 1942 के "अंग्रेजो भारत छोड़ो" अभियान में जेल भी गये। हिन्दी, उर्दू और पंजाबी भाषा में निपुण होने के अलावा वे कई अन्य भाषाओं के जानकार भी थे और शेरो-शायरी में काफी दिलचस्पी रखते थे।
मनमोहन सिंह (Manmohan Singh)
मनमोहन सिंह पंजाब विश्वविद्यालय से उन्होंने स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई पूरी की। बाद में वे कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय गये। जहाँ से उन्होंने पीएच. डी. की। तत्पश्चात् उन्होंने आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डी. फिल. भी किया।
नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)
नरेंद्र मोदी साल 1983 में गुजरात यूनिवर्सिटी से एमए किया है। ग्रेजुएशन उन्होंने 1978 में दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। उन्होंने आर्ट्स में ग्रेजुएशन किया है. हाई स्कूल की परीक्षा उन्होंने गुजरात बोर्ड से 1967 में पास की थी।












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