महाराष्ट्र के पालघर में आठ लोगों पर गिरी आकाशीय बिजली, दो की दर्दनाक मौत
नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में इन दिनों लगातार भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इस बीच महाराष्ट्र में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से कई लोग उसकी चपेट में आ गए। जानकारी के अनुसार 6 सितंबर की दोपहर महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा और दहानू में भारी वर्षा के बीच आकाशीय बिजली गिरने की दो घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में छह लोगों के घायल होने की भी खबर है।

दहानू के तहसीलदार राहुल सारंग ने बताया कि तावा के नामपदा गांव में 20 वर्षीय नितेश तुंबडा नाम का शख्स बिजली बिजली की चपेट में आ गया। बिजली गिरने से नितेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए हैं। दूसरा हादसा वाडा में अंबिस्ते खुर्द में हुआ जहां बिगली गिरने से शांताराम दिवा (17) की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका उपचार किया जा रहा है। पालघर के जिला आपदा प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने इस बात की जानकारी दी है।
क्यों गिरती है बिजली, क्या है इसका वैज्ञानिक कारण?
अधिकतर मानसून आने के बाद या बरसात के मौसम बिजली गिरने और कड़कने की घटना सामने आती है। वही इसे लोगों द्वारा आकाशीय घटना या प्राकृतिक आपदा मानते हुए चुप-चाप रहा जाता है । लेकिन क्या आप जानते हैं कि आसमान से बिजली क्यों कड़कती है। तो हम आपको बताते चलें कि आसमान में अपोजिट एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते और घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाए हुए टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है जो धरती पर गिरती है।
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आसमान में किसी तरह का कंडक्टर न होने से बिजली पृथ्वी पर कंडक्टर की तलाश में पहुंच जाती है, जिससे नुकसान पहुंचता है। धरती पर पहुंचने के बाद बिजली को कंडक्टर की जरूरत पड़ती है। आकाशीय बिजली जब लोहे के खंभों के अगल- बगल से गुजरती है तो वह कंडक्टर का काम करता है। उस समय कोई व्यक्ति यदि उसके संपर्क में आता है तो उसकी जान तक जा सकती है।












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