'मेरा लालू बेटा ऐसा नहीं कर सकता, मेरा बेटा निर्दोष है'

चारा घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद इस गांव की गलियां व सड़कें सुनसान हैं। एक स्वर में लोग यही कह रहे हैं कि उनके लालू निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया गया है। गांव में पिछले कई दिनों से पंच मंदिर में अनुष्ठान चल रहा है। आमतौर पर आश्विन मास में जो लोग खेतों में नजर आते थे, वे आज किसी के दरवाजे पर बैठकर केवल लालू और उनके परिवारों की चर्चा कर रहे हैं। सभी लोग इस मामले में भगवान से उनके बरी होने की मन्नत मांग रहे थे।
गांव की 80 वर्षीय ललमतिया कुंवर, लालू के जेल जाने की बात बताए जाने पर रोने लगती हैं। उन्होंने कहा, "मेरा लालू बेटा ऐसा नहीं कर सकता, मेरा बेटा निर्दोष है। किसी दुश्मन नेता ने उसे फंसा दिया होगा।" गांव के बुजुर्ग रामलखन कहते हैं कि लालू मेहनत कर कमाना जानते थे। उन्होंने बहुत गरीबी देखी है, उन्हें पैसे का कोई मोह नहीं है। ऐसे में वह घपला-घोटाला क्यों करेंगे? रामलखन को भगवान पर भरोसा है और वह सब कुछ ठीक होने की उम्मीद कर रहे हैं।
लालू के छोटे भाई रामप्रवेश यादव गांव के ही पंच मंदिर में पिछले कई दिनों से लालू के लिए अनुष्ठान करा रहे हैं। उन्होंने लालू के लिए मन्नत मांगी है। गांव के लोग मंदिर में आज भी लालू के लिए मन्नतें मांग रहे हैं। गांव की तेतरी देवी को जब कुछ पत्रकारों ने बताया कि लालू जेल चले गए तो वह हैरान रह गईं और बिफरते हुए कहा कि आज इस गांव में सब कुछ बाबू (लालू) का ही दिया हुआ है। आखिर वह गलत काम क्यों करेंगे? यह उनके दुश्मनों का काम होगा।
उल्लेखनीय है कि फुलवरिया गांव में हेलीपैड, रेफरल अस्पताल, भारतीय स्टेट बैंक की शाखा, पेयजल आपूर्ति के लिए पानी टंकी और पुलिस थाना मौजूद है। बिहार ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में भी कद्दावर नेता माने जाने वाले लालू का जन्म फुलवरिया गांव में 1948 में हुआ था और उनका बचपन यहीं गुजरा है।












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