#KuranganiForestFire: 15 छात्रों को सुरक्षित निकाला गया, 9 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
चेन्नई। तमिलनाडु के थेनी जिले के कुरंगनी में आग लगने की वजह से 30 से अधिक कॉलेज के छात्र फंस गए हैं। यहां ट्रैकिंग के लिए पहाड़ी इलाके में आए छात्र उस वक्त यहां के जंगलों में फंस गए जब देखते ही देखते यहां आग की लपटें चारो ओर फैल गई। अभी तक रेस्क्यू ऑपरेशन में 15 छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 9 लोगों की मौत हो गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को भेजा गया है। यहां गरुड़ कमाडोंज के 16 कमांडो, वायुसेना के 4 हेलीकॉप्टर भेजा गया है, जिसमे से एक एक हेलीकॉप्टर स्टैंडबाइ पर है। छात्रों को बचाने के लिए रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन सुबह से ही चल रहा है। जानकारी के अनुसार एक छात्र के मृत होने की भी आशंका है।

ट्रैकिंग के लिए आए थे लोग
मृतकों में 4 महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं, साथ ही एक बच्चे की भी आग की वजह से मौत हो गई है। जवानों ने अभी तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि बाकी लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
थेनी के डीएम पल्लवी बल्देव ने बताया कि यहां कुल 36 सदस्यों का ग्रुप आया था, जिसमे 12 छात्र कोयम्बटू, इरोड जिले से आए हैं। साथ ही 24 लोग चेन्नई की एक ट्रैकिंग टीम से आए थे। इसमे कुल 25 महिलाएं, तीन बच्चे और आठ पुरुष शामिल हैं। ये सभी लोग शनिवार सुबह कुरंगनी के जंगल में ट्रैकिंग करने गए थे। लेकिन रविवार की सुबह आग लगने की वजह से यह लोग यहां फंस गए। फायर ब्रिगेड की टीम को दोपहर में तीन बजे ही रवाना कर दिया गया था।
फोन से पिता को दी जानकारी
जानकारी के अनुसार जंगल में आग लगने के बाद एक छात्र ने इसकी जानकारी अपने पिता को फोन करके दी थी, जिसके बाद यह सूचना वन विभाग की टीम को दी गई। वन विभाग की ओर से 40 लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया था। साथ ही 13 एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया और घायलों को अस्पातल में भर्ती कराया गया।
रक्षामंत्री सक्रिय
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ई पलानीसामी ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण से एयरफोर्स की मदद मांगी थी। रक्षामंत्री ने इसकी जानकारी ट्वीट करके दी और एयरफोर्स की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजा। उन्होंने जानकारी दी कि वह थेनी के डीएम से लगातार संपर्क में हैं। आग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम लगातार चल रहा है।
केरल में ट्रैकिंग पर रोक
वहीं इस घटना के बाद केरल के प्रिंसिपल चीफ कंसरवेटर ऑफ फॉरेस्ट पीके केसवन ने कहा कि केरल सरकार के मुख्य सचिव और राज्य आपदा प्रबंधन ने निर्देश दिए हैं कि जबतक जंगल की आग बुझ नहीं जाती है तब तक किसी को भी पहाड़ों पर ट्रैकिंग की इजाजत नहीं है।












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