BJP ने ममता बनर्जी पर 'हिंदू विरोधी हिंसा' भड़काने का लगाया आरोप, पुलिस पर भी उठाए सवाल

Kolkata News: वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ पश्चिम बंगाल में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राज्य में "हिंदू विरोधी" और "राज्य प्रायोजित" हिंसा हो रही है, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का संरक्षण प्राप्त है। भंडारी ने आरोप लगाया कि जिन जिलों में हिंसा हुई, जैसे मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया आदि। वहां पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय रही।

Pradeep Bhandari

उन्होंने कहा, 'जब एक खास समुदाय की उग्र भीड़ हिंदुओं को निशाना बना रही थी, उस वक्त पुलिस मूकदर्शक बनी रही। ममता बनर्जी के निर्देशों पर ही पुलिस कार्रवाई से बच रही है।' भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि संसद में वक्फ विधेयक पारित हो गया है, देश में इसे स्वीकार कर लिया गया है। लेकिन, बंगाल में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।

कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है और हिंसा को रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार न सिर्फ हिंसा को रोकने में विफल रही, बल्कि उसे 'राजनीतिक उद्देश्य' से बढ़ावा भी दे रही है। भंडारी ने ममता सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा, 'स्वामी विवेकानंद और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती को तुष्टिकरण की प्रयोगशाला बना दिया है।'

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में हिंदू त्योहारों जैसे रामनवमी, सरस्वती पूजा और दुर्गा पूजा को लेकर बार-बार अदालत का सहारा लेना पड़ता है, जो धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाता है। वहीं राज्य सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सीएम ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर शांति की अपील करते हुए कहा कि वक्फ कानून केंद्र सरकार द्वारा लाया गया है, न कि राज्य सरकार द्वारा।

उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की। पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजीपी राजीव कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जंगीपुर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में धारा 163 लागू की गई है और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस मुस्तैद है।

कुमार ने चेतावनी दी कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी हालात पर चिंता जताते हुए राज्य में अनुच्छेद 355 लागू करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ "कट्टरपंथी समूह" देश के संविधान और कानून का विरोध करते हुए हिंसा फैला रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।

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