नागालैंड की घटना के बाद कोहिमा का प्रसिद्ध हॉर्नबिल फेस्टिवल बंद, जानिए Updates
नागालैंड के मोन जिले में गोलीबारी की घटना में एक सैनिक सहित कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद कोहिमा का प्रसिद्ध हॉर्नबिल फेस्टिवल बंद कर दिया गया है।
कोहिमा, 5 दिसंबर। नागालैंड के मोन जिले में गोलीबारी की घटना में एक सैनिक सहित कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। सेना ने जानमाल के नुकसान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि घटना की उच्चतम स्तर पर जांच की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद कोहिमा में प्रसिद्ध हॉर्नबिल फेस्टिवल को बंद कर दिया गया है। वहीं नागालैंड के मुख्यमंत्री इस घटना पर आपात बैठक करने के लिए दिल्ली से कोहिमा वापस रवाना हो गए हैं।

आखिर कैसे हुआ ये हादसा
एक अधिकारी के अनुसार, ओटिंग गांव के दिहाड़ी मजदूरों का एक समूह कोयला खदान से पिकअप वैन से घर लौट रहा था, तभी सुरक्षा बलों ने उन पर गोली चला दी। शनिवार शाम करीब चार बजे जब पीड़ित लोग अपने घर नहीं पहुंचे तो स्थानीय लोग उनकी तलाश में निकल पड़े। उन्होंने एक गाड़ी के पास उनकी लाशों को देखा। नाराज गांववालों ने सुरक्षा बलों के कैंपों को घेर लिया और उनकी गड़ियों को आग लगा दी। गांव वालों को उग्र होता देख सेना ने उन पर जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 8 अन्य गांव वालों और एक सुरक्षाकर्मी मारे गए। दरअसल हुआ ये था कि सेना को किसी उग्रवाद गतिविधि की खुफिया जानकारी मिली थी, जैसे ही इन गांव वालों की गाड़ी वहां से गुजरी सेना ने गांव वालों को ही उग्रवादी समझ लिया और उनपर गोली चला दी।
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जांच के लिए SIT गठित
नागालैंड के राज्यपाल जगदीश मुखी ने एक बयान जारी कर कहा कि एसआईटी इस घटना की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल सैन्यकर्मियों के खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी भी गठित की गई है। उन्होंने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की।
नागालैंड के मुख्यमंत्री ने किया जांच कराने का ऐलान
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नगालैंड के मुख्यमंत्री नीफियू रियो ने कहा कि यह "बेहद निंदनीय" है। एक उच्च स्तरीय विशेष दल इस मामले की जांच करेगा। लोगों को जरूर न्याय मिलेगा।
खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था अभियान- सेना
एक असम राइफल्स ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हमें खुफिया सूत्रों से इलाके में एक विरोधी अभियान की जानकारी मिली थी, जिसके बाद सेना ने यह अभियान चलाया। घटना और उसके बाद के परिणामों पर हमें गहरा खेद है। इस मामले की उच्चतम स्तर पर जांच की जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।












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