बिहार से आए मैनेजर ने बैंक कैंटीन में बीफ पर लगाया बैन, फैसले के खिलाफ कोच्चि ब्रांच में भड़के कर्मचारी
कोच्चि स्थित कैनरा बैंक की एक ब्रांच शुक्रवार को तब सुर्खियों में आ गई जब बैंक कर्मचारियों ने मैनेजर के कथित आदेश के खिलाफ बीफ और परोट्टा परोसकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। विवाद की वजह बना बैंक कैंटीन में बीफ पर बैन, जिसे हाल ही में कार्यभार संभालने वाले बिहार मूल के रीजनल मैनेजर से जोड़ा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिहार से आए नए रीजनल मैनेजर ने केरल में पदभार संभाला है। उन्होंने कैंटीन से बीफ हटाने का आदेश दिया, जबकि कर्मचारियों का कहना है कि भोजन व्यक्तिगत पसंद का विषय है और किसी पर थोपे गए प्रतिबंध संविधान की भावना के खिलाफ हैं।

बीफ और परोट्टा परोसकर विरोध
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) के बैनर तले कर्मचारियों ने पहले से मैनेजर के कथित मानसिक उत्पीड़न और अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बनाई थी। लेकिन जैसे ही बीफ बैन का मामला सामने आया, उन्होंने इस मुद्दे को उजागर करने के लिए विरोध को नए अंदाज में पेश किया और ऑफिस के बाहर बीफ और परोट्टा परोसा।
फेडरेशन नेता बोले- खाना व्यक्तिगत हक
फेडरेशन के नेता एस.एस. अनिल ने कहा, 'यहां एक छोटी कैंटीन है जहाँ कुछ दिनों पर ही बीफ परोसा जाता है। मैनेजर ने स्टाफ से कहा कि अब बीफ नहीं परोसा जाएगा। लेकिन यह बैंक संविधान के तहत चलता है। भोजन व्यक्तिगत अधिकार है। भारत में हर व्यक्ति को अपना भोजन चुनने का अधिकार है। यह विरोध किसी पर थोपने के लिए नहीं है।'
इस विरोध को राज्य की राजनीति में भी समर्थन मिला। वाम समर्थित निर्दलीय विधायक के.टी. जलील ने प्रदर्शन की सराहना की और फेसबुक पोस्ट में लिखा कि 'केरल में संघ परिवार के एजेंडे को जगह नहीं दी जाएगी। यह लाल मिट्टी की धरती है और जहां भी लाल झंडा लहराता है, वहां फासीवादियों के खिलाफ बिना डर आवाज उठाई जाएगी।'
पहले भी हुए बीफ विरोध
ग़ौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब केरल में बीफ़ प्रतिबंध को लेकर विरोध देखने को मिला है। 2017 में केंद्र सरकार के उस निर्देश के बाद भी राज्य में कई बड़े बीफ़-प्रोटेस्ट हुए थे, जिसमें वध के लिए मवेशियों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी।












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