'ये भेदभाव वाला बजट' सुनते ही विपक्ष पर भड़कीं निर्माला सीतारमण, पूछे तीखे सवाल
Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय बजट के खिलाफ लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने हंगामा और नारेबाजी की। इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने संसद में केंद्रीय बजट 2024 का विरोध करते हुए 'भेदभावपूर्ण' बताया। तो वहीं, अब इन आरोपों पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया है।
बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा, ..हर बजट में, आपको इस देश के हर राज्य का नाम लेने का मौका नहीं मिलता... कैबिनेट ने वडावन पर एक बंदरगाह स्थापित करने का निर्णय लिया था। लेकिन, कल बजट में महाराष्ट्र का नाम नहीं लिया गया। क्या इसका मतलब यह है कि महाराष्ट्र उपेक्षित महसूस करता है?

वित्तमंत्री ने आगे कहा कि यदि भाषण में किसी विशेष राज्य का नाम लिया जाता है, तो क्या इसका मतलब यह है कि भारत सरकार के कार्यक्रम इन राज्यों में नहीं जाते हैं? यह कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष द्वारा लोगों को यह धारणा देने का एक जानबूझकर प्रयास है कि हमारे राज्यों को कुछ भी नहीं दिया गया है। यह एक अपमानजनक आरोप है।
आपको बता दें कि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने केंद्रीय बजट में कई राज्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए संसद के मॉनसून सत्र से वॉकआउट कर दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "समर्थन मूल्य किसान को ना देकर गठबंधन के साथियों को दे रहे हैं...उत्तर प्रदेश को बड़े सपने दिखाए थे, क्या मिला उत्तर प्रदेश को?
डबल इंजन की सरकार है तो डबल लाभ मिलना चाहिए था, दिल्ली का लाभ लखनऊ का लाभ लेकिन लगता है कि दिल्ली अब लखनऊ की ओर नहीं देख रही है या लखनऊ वालों ने दिल्ली वालों को नाराज कर दिया उसका परिणाम बजट में दिखाई दे रहा है... विकास बिहार जा रहा है तो उत्तर प्रदेश को क्यों छोड़ रहे हैं?
बाढ़ अगर बिहार की रोकनी है तो नेपाल और उत्तर प्रदेश की बाढ़ रोके बिना आप बिहार की बाढ़ कैसे रोकेंगे? आप पहले उत्तर प्रदेश और नेपाल की बाढ़ रोके तो बिहार की बाढ़ अपने आप रुक जाएगी। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने कहा, "बजट में कोई न्याय नहीं मिला है, तो न्याय दिलाने के लिए हम लड़ रहे हैं।"












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