जानें कौन थे लेफ्टिनेंट उमर फैयाज, जिनकी शहादत का बदला सेना ने लिया आज
श्रीनगर। भारतीय सेना ने लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की शहादत का बदला ले लिया है। दरअसल, जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग और शोपियां में सुरक्षाबलों ने 8 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है। सभी मारे गए आतंकी स्थानीय हैं। मारे गए 8 में से 2 आतंकी वही हैं जिन्होंने उमर फैयाज की नृशंस हत्या कर दी थी। बता दें कि ले. फैयाज दिसंबर 2016 में सेना में कमीशंड हुए थे। उन्हें दो राजपूताना राइफल्स में कमीशन मिला था। वह शोपियां अपनी मौसी के घर पर एक शादी में शिरकत करने के लिए गए थे। वह कुलगाम के रहने वाले थे। हिजबुल मुजाहिद्दीन की ओर से हालांकि कहा गया था कि उसके आतंकियों ने ले. फैयाज की हत्या नहीं की है। हालांकि आतंकियों ने ना सिर्फ ले. फैयाज को अगवा किया बल्कि उन्हें बुरी तरह से पीटा और फिर शोपियां के एक बस स्टैंड पर भीड़ के सामने उन्हें गोली मार दी थी।

बीते साल 10 मई को...
बता दें कि बीते साल 10 मई को फैयाज साउथ कश्मीर के कुलगाम के ही रहने वाले थे और छुट्टियों पर अपनी बहन की शादी पर घर आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो लेफ्टिनेंट फैयाज जब अपनी बहन के साथ बैठे थे तो हथियारों से लैस कुछ व्यक्ति घर में दाखिल हुए और उन्हें अपने साथ ले गए।

आर्मी गुडविल स्कूल के पढ़े हुए थे
जम्मू कश्मीर पुलिस को इस बात का शक था लेफ्टिनेंट फैयाज की हत्या में उन्हीं इंसास राइफल का प्रयोग किया गया है जिन्हें जम्मू कश्मीर पुलिस के दो सिपाहियों से आतंकियों ने छीन लिया था। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज आर्मी गुडविल स्कूल के पढ़े हुए थे। वर्ष 2012 में उनका सेलेक्शन नेशनल डिफेंस एकेडमी यानी एनडीए के लिए हुआ था। नवंबर 2015 में वह एनडीए से पासआउट हुए और फिर एक साल के लिए इंडियन मिलिट्री एकेडमी गए।

घर वालों ने नहीं बताया था कि बेटा सेना में है
फैयाज के सेलेक्शन के समय उनके घर वालों ने गांववालों को यह नहीं बताया कि उनका बेटा अब इंडियन आमीं का हिस्सा बनेगा बल्कि यह कहा कि उमर अब मुंबई में एमबीबीएस की पढ़ाई करेगा। वह हमेशा गांववालों से यही कहते कि उनका बेटा मुंबई में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। उन्हें डर था कि अगर गांववालों को सच पता लग गया तो फिर आतंकी उन्हें मार डालेंगे। लेफ्टिनेंट फैयाज पर पिछले कई समय से गांव के कुछ लोग नजर रखे हुए थे।

पहली बार छुट्टी पर आए थे फैयाज
लेफ्टिनेंट फैयाज के शरीर पर 11 जगह चोट के निशान थे। उनकी पीठ पर कई निशान थे, उनका जबड़ा टूटा हुआ था, एड़ी भी टूटी थी और उनका दांत गायब था। इसके अलावा शरीर पर कई जगहे कटे के निशान थे। आतंकियों ने हत्या से पहले उन्हें बुरी तरह से टॉर्चर किया था। वह अखनूर में पोस्टेड थे और 12 मई को उन्हें वापस रिपोर्ट करना था। कुलगाम के रहने वाले लेफ्टिनेंट फैयाज शोपियां में अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए आए थे। 10 दिसंबर 2016 को कमीशंड होने के बाद वह पहली बार छुट्टी पर घर आए थे।
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