क्या होगा अब पुराने संसद भवन का, क्या धवस्त कर दिया जाएगा...? जानिए मोदी सरकार का प्लान
Old Parliament Building: पुराने संसद भवन में 19 सितंबर को आखिरी दिन था। आज ही से नए संसद भवन में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ सारा कामकाज शुरू हो चुका है। अंग्रेजों द्वारा 1927 में बनवाए गए इस संसद के 96 साल हो गए हैं। इस संसद भवन के बगल में ही नए भवन का निर्माण हुआ है।
नई संसद में शिफ्ट होने के बाद अब हर किसी के मन में ये सवाल है कि आखिरी इस पुराने संसद भवन का क्या होगा...? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुझाव दिया कि इस पुरानी इमारत को अब 'संविधान सदन' (Samvidhan Sadan) के नाम से जाना जाए।

इस पुराने संसद भवन को ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। ये इमारत देश की आजादी के बाद ये हर छोटी-बड़ी घटनाओं का गवाह रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इस संसद में करीब 4000 कानून पेश किए गए हैं। 1952 के बाद दुनिया के करीब 41 राष्ट्राध्यक्षों ने इस संसद भवन को संबोधित किया है।
बता दें कि फिलहाल केंद्र सरकार ने ये नहीं बताया है कि इस पुरानी इमारत का क्या किया जाएगा। ले
क्या होगा अब पुरानी पार्लियामेंट बिल्डिंग का....?
-मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुराने संसद भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। संसदीय कार्यक्रमों के लिए ज्यादा जगह बनाने के लिए इसे फिर से 'रेट्रोफिट' यानी सुसज्जित किया जाएगा।
- सूत्रों के मुताबिक इस ऐतिहासिक संरचना यानी पुरानी पार्लियामेंट बिल्डिंग का संरक्षण किया जाएगा...क्योंकि ये देश की पुरातात्विक संपत्ति भी है।
-कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पुरानी इमारत के एक हिस्से को म्यूजियम में तब्दील किया जा सकता है।
- बता दें 2021 में तत्कालीन केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी सदन में बताया था कि इस पार्लियामेंट बिल्डिंग (पुरानी) की मरम्मत करनी होगी। इसे हम वैकल्पिक तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। हम विरासत के प्रति संवेदनशील पुनर्स्थापना के लिए नेशनल अर्काइव को नए संसद भवन में शिफ्ट कर देंगे ताकि पुराने संसद भवन में और ज्यादा जगह हो पाए।












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