जानिए क्या है 'सुल्ली डील्स' ऐप? जिस पर हो रही थी मुस्लिम महिलाओं की पर्सनल तस्वीरों की नीलामी
नई दिल्ली, जुलाई 08: हाल ही में सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीर 'सुल्ली डील्स' के नाम से एक ऐप के जरिए वायरल और नीलाम की जा रही थी। यह मुस्लिम महिलाओं का अपमान करे लिए ऐप बनाया गया है। जिस पर अब दिल्ली महिला आयोग ने 'सुल्ली डील्स' ऐप विवाद में दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है। इस ऐप पर सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें बिना उनकी इजाजत के अपलोड की गई थीं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है।

सुल्ली एक अपमानजनक शब्द है
बता दें कि, सुल्ला या सुल्ली एक अपमानजनक शब्द है जिसका इस्तेमाल मुसलमानों के लिए किया जाता है। 'सुल्ली फॉर सेल' नामक एक ओपन सोर्स वेबसाइट बनाई गई, जिस पर मुसलमान महिलाओं के ट्विटर हैंडल से जानकारियाँ और पर्सनल तस्वीरें निकाल कर डाली गईं और इन्हें सार्वजनिक तौर पर नीलाम किया गया, जिसे 'सुल्ली डील' कहा गया है। 'सुल्ली फॉर सेल' और 'सुल्ली डील' के ज़रिए मुसलमान महिला पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, कलाकारों और शोधार्थियों को निशाना बनाया गया है।
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ऐप 'सुली डील्स' गिटहब पर बनाया गया
ऐप 'सुली डील्स' गिटहब पर बनाया और इस्तेमाल किया गया था। गिटहब एक होस्टिंग प्लेटफॉर्म है, जिसमें ओपन सोर्स कोड का भंडार है। इसमें 80 से ज़्यादा महिलाओं की तस्वीरें, उनके नाम और ट्विटर हैंडल दिए गए थे। इस ऐप में सबसे ऊपर पर लिखा था- 'फाइंड योर सुल्ली डील'। इस पर क्लिक करने पर एक मुस्लिम महिला की तस्वीर, उसका नाम और ट्विटर हैंडल की जानकारी यूजर से साझा की जा रही थी।

सोमवार शाम को इसे गिटहब ने हटा दिया गया
हालांकि सोमवार शाम को इसे गिटहब ने हटा दिया था। गिटहब की सीओओ एरिका ब्रेसिया ने ट्वीट कर कहा है कि इस अकाउंट को सस्पेंड किया जा चुका है, हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि आखिर ये ऐप किसने बनाया था। बीबीसी के मुताबिक, 14 जून को इस ऐप को शुरू किया गया। सबसे ज़्यादा गतिविधि 4-5 जुलाई के बीच हुई। ये एक ओपन सोर्स कम्युनिटी ऐप था, जिसे सॉफ्टवेयर कोडिंग प्रोवइडर प्लेटफॉर्म गिटहब पर बनाया गया था।

एडिटर्स गिल्ड ने जताई आपत्ति
इस विवाद में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने बुधवार को कहा कि वो इस बात से बेहद चिंतित हैं कि मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें ऑनलाइन "नीलामी के लिए" डाली गईं और सोशल मीडिया के जरिये अपमानजनक तरीके से शेयर की गईं। गिल्ड कानून एजेंसियों के साथ-साथ राष्ट्रीय महिला आयोग से इस मुद्दे पर तत्काल एक्शन लेने और गलत काम करने वालों का पता लगाने और उन्हें दंडित करने की मांग करता है।

दिल्ली महिला आय़ोग ने दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस
दिल्ली महिला आयोग ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने दिल्ली पुलिस को इस पर एक नोटिस जारी किया है। उन्होंने इसे 'एक गंभीर साइबर अपराध' करार दिया है और कहा है कि 'कुछ मुसलिम महिलाओं की अनुमति के बगैर ही उनकी तसवीरें और निजी जानकारियाँ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से उठा कर इस पर साझा की गई हैं, जो गलत व गैरकानूनी है।'












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