Lockdown 4 के लिए क्या चाहते हैं राज्य, सोमवार से होगा शुरू, यहां 10 पॉइंट में जानिए
नई दिल्ली। कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण से बचाव के लिए देश में लॉकडाउन लगाया गया है। फिलहाल लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है, जो 17 मई को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद 18 मई से लॉकडाउन का चौथा चरण (Lockdown 4) शुरू होगा। यानी लॉकडाउन 4.0। लेकिन ये बाकी के तीन चरणों से अलग होगा। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर उनके सुझाव मांगे थे। आखिर में जो भी होगा वो गृह मंत्रालय ही दिशा-निर्देश जारी करेगा। तो चलिए इन 10 पॉइंट के माध्यम से जानते हैं कि किन राज्यों में क्या योजना बन रही है-

1. अर्थव्यवस्था को फिर से खोलना चाहते हैं ये राज्य
आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, गुजरात और राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों ने सुझाव दिया है कि अर्थव्यवस्था को फिर से खोला जाए, जिसे पहले लॉकडाउन चरणों के दौरान बंद किया गया था। उदाहरण के तौर पर आंध्र प्रदेश ने नॉन-कंटेनमेंट जोन में सभी आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों को फिर से खोलने प्रस्ताव दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस राज्य में कोविड-19 के कुल 2,137 मामले हैं और 11,422 लोग क्वारंटाइन में हैं।
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2. दिल्ली में आर्थिक गतिविधियों में ढील देने के सुझाव
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से सुझाव मिलने के बाद गुरुवार को मीडिया से बात करते वक्त बताया कि उन्हें कंटेनमेंट जोन छोड़कर आर्थिक गतिविधियों में ढील देने के सुझाव मिले हैं। उनसे दिल्ली में और अधिक प्रतिबंधों को हटाने के लिए आह्वान किया गया है। हालांकि इनमें कंटेरमेंट जोन को बंद रखने की सलाह शामिल है।

3. रेस्टॉरेंट आदि को फिर से खोलना चाहता है केरल
केरल का सबसे ज्यादा राजस्व पर्यटन से आता है। इस कारण केरल मेट्रो सेवा, लोकल ट्रेन, घरेलू फ्लाइट, रेस्टॉरेंट और होटल्स को फिर से खोलना चाहता है। भारत के पहले तीन कोरोना वायरस के मामले भी इसी राज्य से मिले थे। राज्य कोरोना से संक्रमण फैलने की स्थिति पर नियंत्रण पाने में कामियाब रहा है। यहां कुल 560 कोरोना के मामले आए, जिसमें लगभग 500 ठीक हो गए हैं और केवल चार मौतें हुई हैं।

4. कर्नाटक ने कुछ सार्वजनिक स्थानों को खोलने की इजाजत मांगी
कर्नाटक ने सोशल डिस्टैंसिंग को प्रोत्साहित करने और कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच करने के लिए कई सप्ताह पहले बंद किए गए रेस्तरां, होटल और व्यायामशालाओं समेत सार्वजनिक स्थानों को फिर से खोलने की इजाजत मांगी है। कर्नाटक में अभी कोरोना वायरस के 959 सक्रीय मामले हैं। गृह मंत्रायल के आंकड़ों के अनुसार, अभी 1518 लोग आइसोलेशन में हैं। बीते हफ्ते पब और बार को शराब की ब्रिकी की अनुमति प्रदान की गई है।

5. आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करना चाहता है तमिलनाडु
तमिलनाडु ने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर अन्य इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने का सुझाव दिया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य में कोरोना वायरस के मामले ज्यादा संख्या में आए हैं, जिसकी वजह से इस अनुरोध को सावधानी के साथ देखे जाने की संभावना भी है। राज्य की राजधानी चेन्नई में एक सब्जी बाजार से करीब 2,600 से अधिक कोरोना के मामलों को जोड़ा जा रहा है। यहां 4,623 लोग क्वारंटाइन में हैं, सोमवार से दुकानों और निजी संगठनों के लिए काम के घंटे में विस्तार सहित राहत की घोषणा की गई है।

6. आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करना चाहता है गुजरात
गुजरात में 9591 मामले सामने आए हैं और 586 मरीजों की मौत हुई है। ये राज्य सभी प्रमुख शहरी क्षेत्रों में सभी आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करना चाहता है। ये बात ऐसे समय में कही गई है जब अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे शहरों में राज्य के 80 फीसदी मामले मौजूद हैं। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार गुजरात की स्थिति को लेकर चिंतित है, जहां 2,08,537 लोग अब भी क्वारंटाइन में हैं।

7. महाराष्ट्र आर्थिक गतिविधियां खोलने का इच्छुक नहीं
महाराष्ट्र पूरे देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। साथ ही ज्यादातर आर्थिक गतिविधियां और दफ्तर खोलने का इच्छुक नहीं है। यहां करीब 30 हजार मामले सामने आए हैं और 1000 मौत हुई हैं। सरकार ने मुंबई में लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कर दी है, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना के 16 हजार के करीब मामले हैं। सत्तारूढ़ शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार ने, हालांकि उद्योगों के लिए प्रमुख रियायतों की घोषणा की है। राज्य में सबसे ज्यादा 1,289 कंटेनमेंट जोन की संख्या है। साथ ही तीन लाख के करीब लोगों को क्वारंटाइन किया गया है।

8. सख्त लॉकडाउन चाहते हैं ये तीन राज्य
बिहार, झारखंड और ओडिशा ने सबसे अलग सख्त लॉकडाउन जारी रखने की मांग की है। इन राज्यों में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं और देशभर में फंसे प्रवासियों की वापसी के साथ आगे भी बढ़ते रहने की संभावना है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके राज्य में लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि जिला प्रशासन को दिशा-निर्देशों में ढील दी जानी चाहिए। बिहार में 994 मामले सामने आए हैं और सात मौतें हुई हैं। झारखंड में 197 मामले आए हैं और तीन मौतें हुई हैं। जबकि ओडिशा में 611 मामले सामने आए हैं और तीन मौतें हुई हैं।

9. उत्तर प्रदेश और पंजाब की ये है स्थिति
उत्तर प्रदेश में 3,902 पॉजिटिव मामले सामने आए और 88 मौतें हुई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 2.3 लाख लोगों को क्वारंटाइन और आइसोलेशन में रखा है। पंजाब के कोविड-19 मामले हाल के दिनों में बढ़ गए हैं, जिनमें 1,935 दर्ज किए गए हैं, 32 की मौत हुई हैं और लगभग 40,000 लोग क्वारंटाइन में हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान कहा कि 'मजबूत लॉकडाउन और कर्फ्यू होना चाहिए।'

10. लॉकडाउन बढ़ाना चाहता है असम
असम ने भी लॉकडाउन के विस्तार का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने यह संकेत भी दिया है कि इस मामले पर निर्णय केंद्र ही लेगा। साथ ही उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा है, 'भारत सरकार को देखने दीजिए क्योंकि यह सिंगल स्टेप नहीं है... कई चरणों पर विचार किया जाना है।'












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