यहां है मसालों का सबसे बड़ा बाजार, जानें लाल किला के रंग के पीछे की कहानी से लेकर दिल्ली की कुछ खास बातें
भारत का दिल कही जाने वाली दिल्ली। ये शहर अपने आप में ढेरों कहानियां समेटे हुए है। इतिहास और आधुनिकता का संगम ये शहर अपने कई चीजों के लिए मशहूर है।
क्या आप जानते हैं दिल्ली और नई दिल्ली में क्या अंतर है?
नई दिल्ली उस जगह को कहते हैं जिसे ऑफिशियली देश की राजधानी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि ये दिल्ली का ही हिस्सा है।

दरअसल, 20वीं सदी की शुरुआत में जब भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली शिफ्ट किया गया था उसी वक्त नई दिल्ली को डिजायन किया गया था। नई दिल्ली उन इलाकों को कहते हैं जहां संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति भवन जैसे मुख्य स्थान है स्थित हैं। वहीं, पुरानी दिल्ली, दरियागंज वगैरह को केवल दिल्ली कहा जाता है।
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लाल किला के नाम से मशहूर लाल रंग का ये शानदार किला कभी सफेद हुआ करता था। तो इस सफेद किले को लाल कब और क्यों किया गया ये जानने के लिए पुरातत्व विभाग के एक सर्वेक्षण के बारे में जानना होगा।
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सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार लाल किला चूना पत्थर से बना हुआ था। लेकिन समय के किले के चूना पत्थर झरने लगे। तब किले को सुरक्षित रखने के लिए अंग्रेजों ने इसे लाल रंग में रंग दिया। आज भी जब आप लाल किला के दीवान-ए-खास जैसी जगहों पर जाएंगे तो वो आपको सफेद नजर आएगा। क्योंकि लाला किला के अंदर का वो एरिया सफेद संगमरमर से बना हुआ है।
मसालेदार खाने के लिए दुनिया में अपनी पहचान रखने वाले भारत के दिल, यानी दिल्ली में है मसालों का सबसे बड़ा मार्किट। ये केवल दिल्ली या भारत का सबसे बड़ा मसालों का बाजार नहीं है। बल्कि ये बाजार मसलों के मामले में पूरे एशिया में पहले स्थान पर है। 17वीं सदी के दौरान स्थापित इस बाजार का नाम है खारी बाउली।
मेट्रो की येलो लाइन पर स्थित चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह बाजार अपने हाई क्वालिटी मसालों के लिए जाना जाता है। फतेहपुरी मस्जिद पार करते-करते मसलों की बेजोड़ खुशबू आपका दिल खुश कर देगी। पुरानी दिल्ली में बसा यह बाजार पूरी दुनिया में मशहूर है।
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मसालों की बात निकली है तो खाने-पीने की थोड़ी और चर्चा कर ली जाए। नॉन-वेग खाने के शौकीन लोगों द्वारा बटर चिकन या फिर मुर्ग मखनी बहुत पसंद की जाती है।
क्या आप जानते हैं इस मशहूर डिश का ईजाद भी दिल्ली में हुआ है।दिल्ली में आज भी वजह है जिसको बटर चिकन दुनिया भर में फेमस करने का श्रेय जाता है। उस रेस्टोरेंट का नाम मोती महल है। यही वो जगह है जहां से तंदूरी चिकन में मक्खन वाली ग्रेवी को मिलाना शुरू किया गया।
पहले ये टेस्ट दिल्ली वालों दिल में घर कर गया। फिर धीरे-धीरे इसके स्वाद के चर्चे देश की सरहदों को तोड़ कर दुनिया भर में मशहूर हो गए। हालांकि, दिल्ली में और भी काफी चीजें हैं जो बेहद खास हैं लेकिन एक आर्टिकल में सबको समेत पाना संभव नहीं है।
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