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जानिए कितना खतरनाक है सिख फॉर जस्टिस, इन 16 खालिस्तानी समर्थकों पर NIA ने दाखिल किया है चार्जशीट?

नई दिल्ली। भारत में प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक अमेरिका स्थित सिख फॉर जस्टिस संगठन के 16 सदस्यों के खिलाफ हाल में राष्ट्र जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा चार्जशीट किए हैं, जिन पर भारत के खिलाफ साजिश रचने और जनमत संग्रह करने के आरोप है। आरोप है कि विदेश में बैठकर सिख फॉर जस्टिस संगठन के सक्रिय सदस्य भारत के विरूद्ध षडयंत्र रचते हैं। एनआईए ने सभी आरोपियों के खिलाफ UAPA की धारा 12,17,18 और आईपीसी की धारा 120B, 124B, 153A, 153B और 505 चार्जशीट दाखिल की है। संगठन पर किसान आंदोलन की आड़ में खालिस्तानी मूवमेंट चलाने का भी आरोप हैं।

sikh

2019 में सरकार सिख फॉर जस्टिस संगठन को प्रतिबंधित किया गया

2019 में सरकार सिख फॉर जस्टिस संगठन को प्रतिबंधित किया गया

गौरतलब है केंद्र सरकार 10 जुलाई, 2019 को खालिस्तान समर्थक संगठन दि सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) को इसकी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एसएफजे को गैर कानूनी गतिविधियां निरोधक कानून (UAPA) के तहत प्रतिबंधित घोषित करने का फैसला किया है। खालिस्तान समर्थक सिख फॉर जस्टिस संगठन अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों में बैठकर चलाया जाता है। इस संगठन को UAPA, 1967 की धारा (1) के प्रावधानों के तहत गैर कानूनी घोषित किया गया है।

क्या है सिख फॉर जस्टिस संगठन और यह कैसे ऑपरेट करता है

क्या है सिख फॉर जस्टिस संगठन और यह कैसे ऑपरेट करता है

अमेरिका स्थित सिख फॉर जस्टिस संगठन का मुख्य उद्देश्य पंजाब में एक स्वतंत्र व संप्रभु देश स्थापित करना है। यह खालिस्तान के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखता है और इस प्रक्रिया में भारत की संप्रुभता व अंखडता को चुनौती देता है। प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस संगठन खासकर ऑनलाइन फ्लेटफॉर्म के जरिए ऑपरेट करता है, जिसके लगभग दो लाख समर्थक बताए जाते हैं। हालांकि संगठन के सशरीर सदस्यों की संख्या बहुत कम है, जो कि महज 8-10 हैं। यह अपने अलगाववादी एजेंडा के तहत 2020 में सिख जनमत संग्रह की वकालत करता रहा है।

कई बार पंजाब पुलिस और एएनआई संगठन भंडाफोड़ कर चुकी है

कई बार पंजाब पुलिस और एएनआई संगठन भंडाफोड़ कर चुकी है

पंजाब में अमन चैन भंग करने की जुगत में अक्सर लगा रहने वाला सिख फॉर जस्टिस के सक्रिय सदस्यों में से एक परमजीत सिंह पम्मा ने गत 30 जून, 2019 में वर्ल्ड कप क्रिकेट के एक मैच के दौरान भारत विरोधी बयानबाजी की थी। सिख फॉर जस्टिस के कारनामों का पंजाब पुलिस और एएनआई कई बार भंडाफोड़ कर चुकी है। यह मुख्य रूप से पंजाब के गरीब युवकों को बहकाकर उनसे हिंसा और आगजनी की घटनाएं करवाता था।

विदेश में बैठे 8-10 सक्रिय सदस्य कार्यकर्ताओं को धन मुहैया कराते हैं

विदेश में बैठे 8-10 सक्रिय सदस्य कार्यकर्ताओं को धन मुहैया कराते हैं

रिपोर्ट के मुताबिक सिख फॉर जस्टिस संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को फंड मुहैया कराने का काम विदेश में बैठ संगठन के 8-10 सक्रिय सदस्य क्रमशः गुरपतवंत सिंह पन्नून, हरमीत सिंह, परमजीत सिंह पम्मा करते हैं। पिछले वर्ष इस संगठन ने युवाओं को लंदन डिक्लेयरेशन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मुफ्त यात्रा का लालच दिया था। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य पंजाब को भारत से अलग करना है, जिसमें उसकी सीधी मदद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई करती है। यही नहीं, सिख फॉर जस्टिस संगठन करतारपुर कॉरिडोर के जरिए अपनी गतिविधियां चलाने की कोशिश कर रहा था।

कई सिख संगठन सिख फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी

कई सिख संगठन सिख फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी

भारत के कई सिख संगठन केंद्र सरकार से बहुत पहले से सिख फॉर जस्टिस संगठन पर प्रतिबंध की मांग कर रहे थे, क्योंकि पाकस्तिान समर्थित यह संगठन सिख समुदाय के युवाओं को भटकाने और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करने का काम कर रहा था। इसके बाद संगठन से जुड़े कई लोगों को सुरक्षा एंजेंसियों ने गिरफ्तार भी किया था, जिसके बाद से सिख फॉर जस्टिस संगठन की ऑनलाइन गतिविधियों पर सरकार नजर रखने लगी और उसके कई पेज ब्लॉक तक किए गए। हालांकि भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिकी कोर्ट ने फेसबुक को सिख फॉर जस्टिस के फेसबुक पेजेज को ब्लॉक करने का आदेश दे चुकी है।

सोशल मीडिया, फोन कॉल व वेबसाइट से चलाते हैं भारत विरोधी प्रोपेगंडा

सोशल मीडिया, फोन कॉल व वेबसाइट से चलाते हैं भारत विरोधी प्रोपेगंडा

सिख फॉर जस्टिस संगठन के लोग भारत में चल रहे किसानों के प्रदर्शन के समर्थिन में लंदन में भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तानी झंडों के साथ प्रदर्शन करते देखे गए थे। सिख फॉर जस्टिस ने खुद को ह्यूम राइट्स एडवोकेसी ग्रुप के नाम से बनाया हुआ है, लेकिन असल में ये पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानियों की साजिश का एक बड़ा हिस्सा है, जो सोशल मीडिया, फोन कॉल और वेबसाइट के जरिए भारत विरोधी प्रोपेगंडा फैलाने में दिन रात लगे रहते हैं।

सिख रेजीमेंट को भड़काकर बगावत करवाने की कोशिश कर चुका है संगठन

सिख रेजीमेंट को भड़काकर बगावत करवाने की कोशिश कर चुका है संगठन

प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के सक्रिय सदस्य विदेशों में बैठकर लगातार फोन कॉल के जरिए और रिकॉर्डेड कॉल के जरिए भारत के लोगों को भड़काने की कोशिश करते रहते हैं। सोशल मीडिया के जरिए मैसेज भेजकर यह संगठन लगातार खालिस्तान समर्थक आवाज उठाने की कोशिश करता है। इतना ही नहीं, यह संगठन भारतीय सेना की सिख रेजीमेंट को भी भड़काकर बगावत करवाने की कोशिश कर चुकी है।

पंजाब में नेताओं की हत्या कर दंगे फैलाने की साजिश कर चुका है संगठन

पंजाब में नेताओं की हत्या कर दंगे फैलाने की साजिश कर चुका है संगठन

दिल्ली पुलिस ने अभी हाल में खालिस्तानियों की एक बड़ी साजिश का खुलासा किया था, जिसमें गैंगस्टर को कश्मीरी आतंकियों के साथ मिलाकर नारको टेरर को बढ़ावा दिया जा रहा था और पंजाब में नेताओं की हत्या कर दंगे करवाने की साजिश रची जा रही थी। एनआईए ने जब पूरे मामले की जांच की तो उसके बाद जुटाए गए सबूतों के आधार पर भारत सरकार ने अमेरिका में बैठे गुरपतवंत सिंह पन्नू, हरदीप सिंह निज्जर और परमीत सिंह पम्मा को आंतकी घोषित किया था। इसी के बाद एनआईए ने गरपतवंत सिंह पन्नून की अमृतसर और हरदीप सिंह की जालंधर की संपत्ति अटैच की है।

UAPA के तहत बुक किए गए 16 खालिस्तानी समर्थकों के नाम

UAPA के तहत बुक किए गए 16 खालिस्तानी समर्थकों के नाम

एनआईए ने UAPA के तहत दाखिल चार्जशीट में सिख फॉर जस्टिस संगठन के कुल 16 सदस्यों को आतंकी घोषित किया है। इनमें नाम क्रमशः गुरपतवंत मान सिंह पन्नू, हरदीप सिंह निज्जर, परमजीत सिंह पम्मा, अवतार सिंह पन्नू, गुरप्रीत सिंह बागी, हरप्रीत सिंह, सरबजीत सिंह, अमरदीप सिंह पुरेवाल, जे एस धालीवाल, दुपिंदरजीत सिंह, कुलवंत सिंह, हरजाप सिंह, जतिंदर सिंह ग्रेवाल, कुलवंत सिंह मोताथा और हिम्मत सिंह का नाम शामिल है।

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