कौन है श्वेता सिंह, 18 साल की एक अनाथ लड़की कैसे बन गई Bulli Bai ऐप की मास्टरमाइंड?
नई दिल्ली, 05 जनवरी। 'बुल्ली बाई' ऐप मामले में मुंबई पुलिस ने दो गिरफ्तारियां की हैं। इनमें से एक 21 वर्षीय इंजीनिरिंग का छात्र विशाल कुमार झा है तो वहीं दूसरी उत्तराखंड की रहने वाली 18 वर्षीय श्वेता सिंह है। मुंबई पुलिस के मुताबिक इस पूरे प्रकरण की मास्टरमाइंड श्वेता सिंह ही है जो अपने साथी विशाल कुमार झा के साथ इस आपत्तिजनक ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की फोटो अपलोड कर उनकी नीलामी करवाती थी। कौन है श्वेता सिंह? इतनी कम उम्र में कैसे बनी अपराधी और क्यों बनाया बुल्ली बाई ऐप? ऐसे कई सवाल आपके मन में भी उठ रहे होंगे जिसका जवाब आज हम आपको देने जा रहे हैं।

कौन है श्वेता सिंह?
उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले से गिरफ्तार की गई श्वेता सिंह को 'बुल्ली बाई' ऐप का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, हालांकि इसके तार नेपाल से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। श्वेता सिंह के माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। पिछले साल कोरोना वायरस की दूसरी लहर में श्वेता ने महामारी के चलते अपने पिता को खो दिया और उससे पहले 2011 में कैंसर की बीमारी के चलते उसकी मां का निधन हो गया था। श्वेता की उम्र सिर्फ 18 साल है और वह इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है।
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श्वेता सिंह के घर में कौन-कौन है?
बुल्ली बाई मामले में श्वेता सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब उसके घरवालों के बारे में भी लोग खोजबीन कर रहे हैं। आपके बता दें कि श्वेता से बड़ी उसकी एक बहन है जो कॉमर्स से ग्रेजुएट है, वहीं उससे छोटे उसका एक भाई और बहन है जो स्कूल में पढ़ते हैं। श्वेता की गिरफ्तारी से उसके घर वालों को भी बड़ा झटका लगा है। बुल्ली बाई ऐप मामले में श्वेता और विशाल कुमार झा मिलकर काम करते थे।

ऐसे हुई श्वेता और विशाल की दोस्ती
उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि श्वेता सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहा करती थी और 'हिंदुत्व के विचार' के साथ जुड़ी हुई थी। पहचान छिपाने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि हिंदुत्व विचारधारा के चलते अपने पोस्ट के माध्यम से दोनों (श्वेता और विशाल) संपर्क में आए और दोस्त बन गए। मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद श्वेता ने अपनी गलती पर पछतावे से इनकार किया है।

नेपाल से मिलता था निर्देश
एक अन्य अधिकारी के मुताबिक स्वेता 12वीं पास कर चुकी है और इंजीनियरिंग कॉलेज में एड्मिशन के लिए तैयारी कर रही है। श्वेता आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड वाली लड़की है। पुलिस के मुताबिक बुल्ली बाई ऐप के लिए उसे नेपाल से निर्देश मिलता था। फिलहाल, पुलिस कथित नेपाली नागरिक और श्वेता से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार नेपाली आरोपी का नाम जियाउ बताया जा रहा है।

फर्जी ट्विटर हैंडल से फैलाती थी नफरत का जहर
सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के लिए श्वेता सिंह JattKhalsa07 नाम से एक नकली ट्विटर हैंडल चलाती थी। इस हैंडल का इस्तेमाल नफरत भरे पोस्ट और आपत्तिजनक फोटो और कमेंट अपलोड करने के लिए किया जा रहा था। इस अकाउंट को फॉलो करने वाले कुछ लोग भी इसी विचारधारा को मानते थे। मुख्य आरोपी श्वेता सिंह से मिली प्राथमिक जानकारी से पता चला है कि एक नेपाल नागरिक उसे ऐप पर की जाने वाली गतिविधियों के बारे में निर्देश दे रहा था। पुलिस उसकी और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

विशाल कुमार ने किया था श्वेता का खुलासा
बता दें कि विशाल कुमार झा को 10 जनवरी तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है, वहीं श्वेता के लिए मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने 5 जनवरी तक ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी। विशाल कुमार ने ही पूछताछ के दौरान श्वेता के नाम का खुलासा किया। अधिकारियों ने बताया कि वह महिला के संपर्क में था और दावा किया कि वह (श्वेता) उन लोगों के संपर्क में भी है जो बुल्ली बाई ऐप पर पोस्ट और गतिविधियों पर काम कर रहे थे।
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