देश की सबसे बड़ी पटाखा फैक्ट्री, रोजाना बारूद से होता है करोड़ों का कारोबार

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Firecrackers Factory in Sivakasi of Tamil Nadu creates record, earn in crores daily । वनइंडिया हिंदी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देश की राजधानी और एनसीआर में दिवाली पर पटाखे नहीं बेचने का आदेश जारी कर दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में 1 नवंबर तक पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। अदालत साल 2016 के फैसले को जारी रखते हुए पटाखों की बिक्री पर रोक को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से दिवाली में दिल्ली-एनसीआर में पटाखे फोड़ने वालों के मायूसी हाथ लगी है। भले ही आप दिल्ली-एनसीआर में पटाखे न फोड़ पाएं, लेकिन हम आपको आज उस उस फैक्ट्री के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां रोजाना बारूद से करोड़ों का कारोबार होता है...

बारूद से करोड़ों का कारोबार

बारूद से करोड़ों का कारोबार

हम बात कर रहे हैं देश के सबसे बड़े पटाखा बाजार और पटाखा फैक्ट्री की, जहां रोजाना करोड़ों का कारोबार होता है। यहां बारूद से लोग करोड़पति बन जाते हैं। ये देश की सबसे बड़ी पटाखा फैक्ट्री है। जहां दिन-रात पटाखा बनाने काम होता है और देश-विदेश में यहां से पटाखों की सप्लाई होती है।

 देश की सबसे बड़ी पटाखा फैक्ट्री

देश की सबसे बड़ी पटाखा फैक्ट्री

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पटाखा उत्पादक देश है। चीन के बाद इस श्रेणी में भारत का स्थान आता है। तमिलनाडु में एक जगह है शिवकाशी, जिसे पटाखा फैक्ट्री के नाम से जाना जाता है। यहां भारत का सबसे बड़ा पटाखा फैक्ट्री है, जहां 50 हजार टन से ज्यादा का पटाखा का उत्पादन होता है।

350 करोड़ का व्यापार

350 करोड़ का व्यापार

शिवकाशी में सालाना 50 हजार टन का पटाखे का उत्पादन किया जाता है। शिवकाशी में पूरे तमिलनाडु का लगभग 55 प्रतिशत पटाखा तैयार किया जाता है। यहां सालाना इसका टर्नओवर करीब 350 करोड़ रुपए का है।

सीजन पर बढ़ जाता है काम

सीजन पर बढ़ जाता है काम

यहां के लोगों का मूलरूप से काम पटाखा फैक्ट्री में मजदूरी करना ही है। यहां के स्थानीय लोगों के अलावा सीजन के समय बाहर से मजदूर भी काम करने आते हैं। यहां बारिश के मौसम में और दिवाली के 3-4 महीने बाद तक पटाखा फैक्ट्रियां बंद रहती हैं। पटाखे के अलावा यहां माचिस बनाने का काम भी बड़े पैमाने पर होता है।

पटाखे के बदले चुकाते हैं बड़ी कीमत

पटाखे के बदले चुकाते हैं बड़ी कीमत

पटाखा फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को यहां काम के बदले पैसे तो मिलते हैं, लेकिन उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। बारूदों की ढ़ेर पर बैठे लोग कई गंभीर बीमारियों के ग्रसित हो जाते हैं। इसके अलावा यहां बड़ी तादात में गैरकानूनी रूप से बाल मजदूरी करवाई जाती है जो एक गंभीर समस्या है।

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English summary
Sivakasi has its own Fireworks Research and Development Center, Its India's Biggest crackers Factory.

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