शिवाजी राव गायकवाड़ से रजनीकांत बनने का सफर, जानें सब कुछ

नई दिल्ली। अभिनेता रजनीकांत ने आज ऐलान किया है कि वो अब राजनीति के मैदान में उतरेंगे। रजनीकांत ने राजनीति में उतरने को वक्त की जरूरत बताया है। चेन्नई स्थित राघवेंद्र हॉल में रजनीकांत ने यह ऐलान अपने प्रशंसकों के बीच किया। उन्होंने कहा कि वो तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। रजनीकांत के इस ऐलान पर काफी प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। एक ओर जहां प्रशंसक खुश हैं वहीं राजनीति के गलियारों में हलचल मच गई है। सुब्रमण्यम स्वामी ने रजनीकांत को अनपढ़ बताते हुए कहा कि राजनीति में उनके आने का कोई असर नहीं होगा। स्वामी ने कहा, 'उन्होंने (रजनीकांत) सिर्फ राजनीति में आने का ऐलान किया है। उनके पास इसकी कोई योजना या प्लान नहीं हैं। वह अनपढ़ हैं। यह सिर्फ मीडिया का खड़ा किया हौवा है। तमिलनाडु की जनता काफी समझदार है।' आइए आपको बताते हैं रजनीकांत का अब तक सफर।

12 दिसंबर 1950 को हुआ जन्म

12 दिसंबर 1950 को हुआ जन्म

रजनीकांत का जन्म कर्नाटक में 12 दिसंबर 1950 को हुआ था। वह अपने माता-पिता रमाबाई और रामोजी राव गायकवाड़ के चौथे बच्चे हैं। उनका असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। पांच साल की उम्र में ही मां खोने वाले रजनीकांत ने बेंगलुरु में आचार्य पाठशाला और रामकृष्ण मिशन की एक इकाई विवेकानंद बालक संघ में अपनी पढ़ाई पूरी की। उनकी मातृभाषा मराठी है, हालांकि उन्होंने इसमें कोई फिल्म नहीं की है।

फिल्म में आने से पहले थे कंडक्टर

फिल्म में आने से पहले थे कंडक्टर

फिल्म उद्योग में अपने करियर को शुरू करने से पहले,रजनीकांत नेकई और काम किए। उन्होंने बेंगलुरु में कर्नाटक राज्य परिवहन निगम के लिए बस कंडक्टर के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्तरों के नाटकों में प्रदर्शन करके अपने अभिनय रुचियों को विकसित किया।

मैं भगवान से और ज्यादा कुछ नहीं मांग सकता

मैं भगवान से और ज्यादा कुछ नहीं मांग सकता

रजनीकांत, जिन्हें तमिलनाडु का असली मंत्र कहा जाता है, उन्होंने कारपेंटर का काम किया, फिर कूली का काम किया,फिर कंडक्टर और आज फिल्मों की दुनिया में अपना अजेय नाम कर लिया है। उनका कहना है कि वो अब भगवान से और ज्यादा कुछ नहीं मांग सकते।

ये थी रजनी की पहली फिल्म

ये थी रजनी की पहली फिल्म

सदाबहार अद्वितीय अभिनेता और तमिल फिल्म उद्योग के सुपरस्टार, रजनीकांत को प्रसिद्ध निर्देशक के.बलाचंदर ने पहले मौका दिया था। वो फिल्म फिल्म अबूर्वा रागंगल में एक सह कलाकार के रूप में नजर आए थे।

इस शख्स ने बदली तकदीर!

इस शख्स ने बदली तकदीर!

रजनीकांत, के. बालाचंदर को अपना गुरू बताया है लेकिन यह निर्देशक एसपी मुथुरामन थे, जिन्होंने वास्तव में रजनी की छवि को पूरी तरह से नया रूप दिया था। मुथुरामन ने फिल्म भुवना ओरु केल्विकुरी के पहले हाफ में एक विलेन तो दूसरे हाफ में एक सकारात्मक भूमिका के साथ पेश किया।

एक पत्रकार ने कहा था...

एक पत्रकार ने कहा था...

रजनीकांत की अभूतपूर्व सफलता और जनता पर उनके प्रभाव के चलते लोग पहले ही यह मानने लगे थे कि वे दिवंगत एमजीआर के कदमों का पालन करेंगे और राजनीति में प्रवेश करेंगे। हालांकि, अभिनेता सेपत्रकार बनने वाले चो रामास्वामी ने कहा था कि रजनीकांत को मुख्यमंत्री के लिए सबसे अच्छा विकल्प है क्योंकि उनमें बुनियादी अखंडता और सादगी है, एक गुणवत्ता जो इन दिनों बहुत दुर्लभ है।

रजनीकांत ने बनाए रखी चुप्पी

रजनीकांत ने बनाए रखी चुप्पी

रजनीकांत ने लगातार राजनयिक चुप्पी बनाए रखी थी। हालांकि उन्होंने पिछले विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ डीएमके का खुले तौर पर समर्थन किया और बीते लोकसभा चुनावों में भी DMK को ही समर्थन दिया था। जब रजनीकांत से पूछा जाता था कि वे राजनीति में आएंगे या नहीं तो वो अपनी अनूठी शैली में जवाब देते थे कि, 'कल मैं एक कंडक्टर था, आज मैं एक स्टार हूं, कल क्या होगा, केवल मैं ही जानता हूं!'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+