संयुक्त किसान मोर्चा की चेतावनी- अगर प्रदर्शन स्थल से हटाया, तो पीएम हाउस के सामने मनाएंगे दिवाली
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर: नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले एक साल से जारी है। हाल ही में दिल्ली पुलिस गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर से बैरिकेड्स हटाकर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा रही है। इसको देखते हुए अब किसान नेताओं ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया। रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार उन्हें दिल्ली की सीमाओं से हटाती है, तो किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर दिवाली मनाएंगे।

एसकेएम नेता और भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अगर सरकार विरोध स्थलों से किसानों को निकालने की कोशिश करती है, तो किसानों के पास दूसरा चारा नहीं बचेगा। वो सीधे पीएम हाउस जाएंगे और वहां पर दिवाली मनाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि अफवाहें उड़ रही हैं कि पुलिस दिवाली तक सड़कों को साफ कर सकती है। मेरा अनुरोध है कि जो किसान शांति से सड़कों पर बैठे हैं, उन्हें भड़काएं नहीं।
10 महीनों से बैरिकेड्स
आपको बता दें कि 10 महीने पहले दिल्ली पुलिस ने किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए थे। गुरुवार और शुक्रवार को कंटीले तारों और बैरिकेड्स को हटा दिया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक यातायात के लिए वो सड़क नहीं खोलेंगे। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने टिकरी में एक अवरुद्ध सड़क के छोटे से हिस्से को दोपहिया और एम्बुलेंस के खोल दिया।
टिकैत ने कही ये बात
वहीं राकेश टिकैत ने ट्वीट करते हुए कहा था कि ललितपुर में एक और किसान रघुवीर पटेल ने खाद ना मिलने से दुखी होकर आत्महत्या कर ली। केंद्र और राज्य सरकार किसानों को आत्महत्या के अंधे कुएं में धकेल रही है। सरकार हठधर्मिता छोड़े, वरना संघर्ष और तेज होगा। सरकार कोई गलतफहमी में ना रहे, कृषि कानूनों की वापसी से कम किसी भी समझौते पर आंदोलन खत्म होने वाला नहीं है। अगर उन्हें जबरन हटाया गया, तो वो देशभर में सरकारी दफ्तरों को गल्ला मंडी बना देंगे।












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