Kisan Andolan: MSP कानून की गारंटी, कांग्रेस की पोल खोलती रिपोर्ट, 2010 में ठुकरा दी थी स्वामीनाथन की सिफारिश
Kisan Andolan News Today: दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर से दहशत का आलम है। किसान आंदोलन की वजह से तीन साल पहले वाले हालात पैदा होने की आशंका से लोग परेशान हैं।
उधर पंजाब से हजारों की संख्या में किसान दिल्ली कूच करने को आतुर हैं। विभिन्न बॉर्डरों पर उन्हें रोकने की कोशिश हो रही है तो कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है। किसान और पुलिस के बीच झड़पों की नौबत आ रही है।

एमएसपी पर कानून की मांग कर रहे हैं किसान संगठन
किसान संगठन केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून लाने की मांग कर रहे हैं। किसान संगठनों की ओर से डॉ स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की भी मांग हो रही है।
कांग्रेस ने किया है एमएसपी पर कानून बनाने का वादा
मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किसान संगठनों से वादा किया है कि उनकी सरकार बनी तो पहली गारंटी एमएसपी पर कानून बनाने की देते हैं।
2010 में कांग्रेस ने ठुकरा दी थी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश
लेकिन, हकीकत इससे ठीक उलट है। 2010 में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए-2 की सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें मानने से साफ इनकार कर दिया था। स्वामीनाथ आयोग ने फसलों की एमएसपी लागत से डेढ़ गुना तक करने की सिफारिश की थी।
बीजेपी सांसद के सवाल पर दिया था जवाब
दरअसल, 16 अप्रैल, 2010 को राज्यसभा में स्वामीनाथ आयोग की इस सिफारिश को लेकर भाजपा सांसद प्रकाश जावड़ेकर ने यूपीए सरकार से सीधा सवाल पूथा था।
सवाल था, 'क्या सरकार ने किसानों को लाभकारी कीमतें देने की स्वामीनाथ आयोग की सिफारिशें स्वीकार कर ली हैं, अगर हां तो उसकी डिटेल दें और नहीं तो इसका कारण बताया जाए.....'
उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक एमएसपी की सिफारिश की थी
तत्कालीन बीजेपी सांसद के सवाल पर तत्कालीन कृषि और उपभोक्ता मामले, खाद्य और जन-वितरण राज्यमंत्री केवी थॉमस ने कहा था कि प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथ की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय किसान आयोग ने सिफारिश की है कि एमएसपी उत्पादन के भारित औसत लागत से कम से कम 50% अधिक होना चाहिए।
यूपीए सरकार ने कहा था- एमएसपी तय करते समय कई चीजें देखनी पड़ती हैं
सरकार ने जवाब दिया था कि इस सिफारिश को नहीं स्वीकार किया गया है। क्योंकि, एमएसपी की सिफारिश कृषि लागत और कीमत (CACP) आयोग की ओर से वस्तुनिष्ठ मानदंड (objective criteria) और अन्य कई संबंधित फैक्टर को ध्यान में रखकर करता है।
सिफारिशें मानने का मतलब है बाजार को तबाह कर देना- तत्कालीन कांग्रेस सरकार
तत्कालीन यूपी सरकार ने कहा था कि इसीलिए लागत से कम से कम 50% से अधिक बढ़ाने की सलाह देना बाजार को तबाह कर सकता है।
यही नहीं, तत्कालीन सरकार ने कहा था कि एमएसपी और उत्पादन लागत को तकनीकी आधार पर जोड़ना कई मामलों में विपरीत असर भी डाल सकता है।
लोकसभा चुनाव सामने है। अभी जिस तरह से किसान आंदोलन शुरू किया गया है, उसे बीजेपी सरकार राजनीतिक चश्मे से भी देख रही है। ऐसे में यह खुलासा कांग्रेस को इसका लाभ उठाने के चक्कर में नुकसान भी पहुंचा सकता है।












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