देश में केरल ने की सबसे कम कोरोना मामलों की अंडर रिपोर्टिंग: सर्वे

नई दिल्ली, 1 अगस्त: देश के ज्यादातर राज्य कोरोना महामारी की दूसरी लहर से उबर चुके हैं, लेकिन केरल में अभी भी हालात चिंताजनक हैं। वहां पर पिछले एक हफ्ते से रोजाना 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे। इस बीच ICMR ने चौथा सिरो सर्वे करवाया। जिसमें पता चला कि राज्य में सबसे ज्यादा केस डिडक्ट हुए। दूसरे शब्दों में कहें तो राज्य ने कोरोना की कम अंडर रिपोर्टिंग (6 में सिर्फ 1) की।

corona

मामले में स्वतंत्र महामारी विज्ञानी डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने आईसीएमआर सर्वेक्षण का विश्लेषण किया। जिसमें पता चला कि देश में अगर एक कोरोना केस पता चला, तो वहीं 30 ऐसे केस थे जिनकी रिपोर्टिंग ही नहीं हुई। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि इसका मतलब ये नहीं है कि राज्यों ने जानबूझकर रिपोर्टिंग कम की, लेकिन ये केवल रोग निगरानी प्रणाली के प्रदर्शन और संबंधित राज्य में महामारी की प्रतिक्रिया को दर्शाता है।

उन्होंने अपने विश्लेषण में आगे बताया कि बहुत से केस ऐसे हैं, जिनमें मरीजों के अंदर कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। इस वजह से उनकी रिपोर्टिंग नहीं हो पाई। अगर सरकार ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग सही से करवाई होती, तो ये बिना लक्षण वाले केस भी रिपोर्ट हो जाते। लहरिया के विश्लेषण से पता चला है कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहां दर्ज किए गए प्रत्येक मामले के साथ 98 मामले छूट गए या किसी का पता नहीं चला। विश्लेषण के अनुसार, केरल के लिए अंडर-काउंटिंग फैक्टर सबसे कम 6 था, जिसका अर्थ है कि रिपोर्ट किए गए प्रत्येक मामले में छह मामले छूट गए। वहीं मध्य प्रदेश में अंडर काउंटिंग फैक्टर 83, राजस्थान में 62, गुजरात में 61 और बिहार में 59 था। वायरस से संक्रमित होने के बाद एंटीबॉडी वालों की संख्या का प्रतिशत केरल में 44.4 था, जो चार्ट में सबसे नीचे है। वहीं मध्य प्रदेश 79 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+