हेमा कमेटी रिपोर्ट के बाद एक्शन में केरल सरकार, उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए SIT गठित
Hema Commission Report: हेमा कमेटी की रिपोर्ट ने मलयालम फिल्म इंडस्ट्री का काला सच उजागर कर दिया, जिसके बाद अब एक के बाद एक अभिनेता निशाने पर आ चुके हैं। इस बीच केरल सरकार ने इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न की जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित करने का फैसला किया है।
यह फैसला जस्टिस के. हेमा समिति की रिपोर्ट के जारी होने के बाद लिया गया है, जिसमें इंडस्ट्री में महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न और शोषण के कई मामलों को उजागर किया है।

एसआईटी का नेतृत्व महानिरीक्षक स्पर्जन कुमार करेंगे और इसमें अन्य वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी भी शामिल होंगी। उनका प्राथमिक कार्य शिकायतकर्ताओं से बयान एकत्र करना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए दावों की जांच करना है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस टीम के गठन की घोषणा की है।
हेमा आयोग की रिपोर्ट से कार्रवाई शुरू
न्यायमूर्ति के. हेमा समिति की रिपोर्ट ने मलयालम सिनेमा में यौन शोषण के काले सच को सबके सामने पेश किया है। रिपोर्ट ने इंडस्ट्री से जुड़ी महिलाओं को प्रमुख हस्तियों द्वारा उत्पीड़न के अपने अनुभवों के बारे में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया है। इस खुलासे ने गहन जांच की मांग को बढ़ावा दिया है।
इससे पहले, बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा द्वारा अनुचित व्यवहार के आरोपों के बाद लोकप्रिय मलयालम फिल्म निर्माता रंजीत ने केरल चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने दावा किया था कि रंजीत ने 2009 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अनुचित व्यवहार किया था। रंजीत ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे इस स्थिति में "असली पीड़ित" हैं।
हाई-प्रोफाइल आरोप
एक अन्य मामले में मलयालम अभिनेता सिद्दीकी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। इन आरोपों के बाद सिद्दीकी ने एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (AMMA) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। इन हाई-प्रोफाइल मामलों ने इंडस्ट्री के भीतर जवाबदेही और न्याय की मांग को तेज कर दिया है।












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