'यकीन नहीं होता कि वो मेरे से ज्यादा...'दहेज के लिए जान देने वाली 28 साल की डॉक्टर शहाना के मामले में नया मोड़
केरल में डॉक्टर शहाना की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ऐसी लड़की जिसने परिस्थितियों से लड़ कर अपने सपनों की उड़ान भरी। पिता को खो देने के बाद भी वो टूटी नहीं और अपने सपनों को सच करने में जुटी रही। फिर ऐसा क्या हो गया कि वो अपनी जान देने को मजबूर हो गई?
तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग की पीजी की छात्रा शहाना ने एनेस्थीसिया का ओवर डोज लेकर खुदकुशी कर ली। शहाना की मौत के बाद कई बातें निकल कर सामने आई हैं। शहाना जो एक मध्यम वर्गीय परिवार से तालुक रखती थी MBBS करने के बाद तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में पीजी करने पहुंची। जहां उसकी दोस्ती उसके सीनियर डॉक्टर रुवाइज से हुई। दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे। दोनों की शादी तय हुई फिर शादी टूट गई।

शादी टूटने से शहाना इस कदर टूटी कि उसे जिन्दा रहना बोझ लगने लगा। उसे यह सदमा बर्दाश्त नहीं हुआ कि जिस लड़के ने उससे प्यार का दावा किया वो दौलत के लिए उसे कैसे ठुकरा सकता है। शहाना के परिजनों का आरोप है कि रुवाइज ने दहेज की डिमांड पूरी नहीं होने के कारण शादी तोड़ दी। शहाना के लिखे सुसाइड नोट में भी इस बात का जिक्र है।
शहाना ने सुसाइड नोट में लिखा है कि रुवाइज ने उससे शादी का वादा किया था। लेकिन शहाना के परिवार के पास दहेज में देने के लिए 1.50 किलो सोना और ढेर सारी जमीन नहीं है। रुवाइज के बर्ताव ने उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया है।
शहाना के परिजनों का आरोप है कि रुवाइज और उसके पिता जो खुद एक रईस खानदान से हैं, उनसे उनकी हैसियत से ज्यादा दहेज की मांग कर रहे थे। बेटी की खुशी के लिए परिवार अपना घर-वार बेच कर 50 लाख रुपए, 50 सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और एक कार देने को तैयार था लेकिन लड़के और उसके पिता ने 150 सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, 15 एकड़ जमीन और एक BMW की डिमांड की। शहाना का परिवार ये सब दे पाने में असमर्थ था इस वजह से लड़के ने शहाना से शादी तोड़ दी।
शादी टूटने के बाद शहाना काफी परेशान थी और कई दिनों तक कॉलेज भी नहीं आई इस बात की पुष्टि उसके दोस्तों ने भी की है। शहाना को ये बात समझ नहीं आ रही थी कि उसका प्रेमी जो उससे प्यार करता है। जिसे वो इतना प्यार करती है वो पैसों के लिए रिश्ता कैसे तोड़ सकता है। इस बात ने शहाना को इतना परेशान किया कि उसे अपनी जान देना ज्यादा आसान लगा।
दहेज के दानव ने शहाना को खुदकुशी के लिए मजबूर कर दिया। 2 साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। तब भी उसने खुद को समेट कर अपने सपनों को सच करने की कोशिश जारी रखी। पर प्यार के नाम पर मिले धोखे ने उसे कहीं का नहीं छोड़ा।
तिरुवनंतपुरम के सरकारी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और केरल मेडिकल पोस्टग्रेजुएट एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष रूवाइज को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गुरुवार को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने रूवाइज को निलंबित कर दिया है। जबकि केरल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है कि यदि उसे दहेज मांगने का दोषी पाया जाता है तो उसके एमबीबीएस पंजीकरण को रद्द कर दिया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications