केरल में ईस्टर पर प्रमुख बिशपों के घर पहुंचे बीजेपी नेता, कांग्रेस ने क्यों बताया 'स्वांग'?
भाजपा ने केरल में अल्पसंख्यक ईसाइयों तक पहुंच बनाने के लिए ईस्टर रविवार के मौके पर विशेष पहल की है। पार्टी के नेता कई बिशप के घर पहुंचे और शुभकामनाएं दीं।

केरल में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने रविवार को ईस्टर के मौके पर प्रदेश के प्रमुख बिशपों के घर पहुंचे और शुभकामनाएं दीं। इसे 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ने की उसकी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन, केरल की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भाजपा के इस कदम को 'स्वांग' बताया है। पार्टी का कहना है कि इससे भाजपा का 'दोहरा मापदंड' जाहिर होता है। हालांकि, दिल्ली में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल कैथोलिक चर्च पहुंचे और वहां पर काफी समय बिताया। (केरल बीजेपी नेताओं वाली तस्वीर सौजन्य: @BJP4Keralam)

चर्च और बिशपों के घर पहुंचे बीजेपी नेता
ईस्टर के मौके पर केरल में भाजपा के बड़े नेता अलग-अलग बिशपों के घर पर पहुंचे और ईसाइयों के इस त्योहार में शिरकत की है। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन त्रिवेंद्रम के लैटिन कैथोलिक के आर्कबिशप थॉमस जे नेट्टो के घर पहुंचे। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य पीके कृष्णा दास कन्नूर जिले में थालास्सेरी आर्कबिशप मार जोसेफ पामप्लानी से जाकर मुलाकात की।
राजनीतिक मंशा नहीं- बीजेपी
मुरलीधरन ने बाद में ट्वीट करके इसके बारे बताया कि 'ईस्टर रविवार के पवित्र अवसर पर एक अच्छी चर्चा हुई। त्रिवेंद्रम के लैटिन कैथोलिक के आर्कबिशप से मिला। डॉ. थॉमस जे नेट्टो को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।' हालांकि, दोनों भाजपा नेताओं ने इसके पीछे किसी राजनीतिक मंशा की बात को खारिज कर दिया और कहा कि यह मुलाकात सिर्फ त्योहार के अवसर पर था।
पार्टी के फैसले के मुताबिक गए- बीजेपी नेता
कन्नूर में पामप्लानी से मिलकर लौटने के बाद कृष्णा दास ने बताया कि वह सिर्फ अपनी ओर से शुभकामनाएं देने गए थे। वो बोले कि 'सिर्फ मित्रवत चर्चाएं हुईं, राजनीतिक नहीं।' उनके मुताबिक यह मुलाकात पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के फैसले के मुताबिक है, जो कि पूरे देश में अपनायी जा रही है। कृष्णा दास ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दिल्ली में सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल कैथोलिक चर्च गए हैं।
'स्नेह यात्रा' के अनुसार- बीजेपी नेता
बीजेपी नेता ए पी अब्दुल्लाकुट्टी का दावा है कि यह पार्टी की 'स्नेह यात्रा' के अनुसार है, जिसके तहत अल्पसंख्यक समुदाय के दिल और दिमाग में पार्टी के लिए स्थान बनाना है। वे बोले, 'यह वोट की यात्रा नहीं है। यह उनके नजदीक पहुंचना है, उनके दिलों और दिमाग तक जाना है। यह ये संकेत देने के लिए भी है कि पार्टी अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ नहीं है। '
पीएम मोदी केरल में सरकार बनाने की जता चुके हैं उम्मीद
गौरतलब है कि पिछले महीने पामप्लानी ने ही बयान दिया था कि यदि केंद्र सरकार रबड़ के किसानों को 300 रुपए प्रति किलो कीमत दिवलवाए तो केरल में से पार्टी को एक सांसद दिलाने में मदद की जाएगी। उसके बाद पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने भाजपा में शामिल होकर उनके बयान को और भी ज्यादा प्रासंगिक बना दिया है। पिछले महीने तीन उत्तरपूर्वी राज्यों में जहां अल्पसंख्यकों का वोट काफी प्रभावी है, भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया और पीएम मोदी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के बढ़ते समर्थन से बीजेपी गठबंधन केरल में भी सरकार बनाएगी।
क्रिश्चियन-विरोधी रवैए छिपाने के लिए- कांग्रेस
लेकिन, कांग्रेस को भाजपा का 'बदला' हुआ अंदाज पसंद नहीं आ रहा है। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने कहा कि बीजेपी नेता बिशपों के घर अपनी पार्टी के 'क्रिश्चियन-विरोधी रवैए' और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ किए गए उत्पीड़न को छिपाने के इरादे से जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में बीजेपी के एक मंत्री ने हाल ही में ईसाइयों के खिलाफ गलत टिप्पणी की है और देश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसा कर रही है।
कांग्रेस कह चुकी है 'धृतराष्ट्र आलिंगन'
उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले चार वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों करीब 600 चर्चों को निशाना बनाया गया है और यहां तक कि ईसाइयों को प्रार्थना करने में भी बाधा पहुंचाई गई है। शनिवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के सुधाकरण ने भाजपा को क्रिश्चियनों तक पहुंचने की कोशिश को 'धृतराष्ट्र आलिंगन' तक की संज्ञा दे दी थी। (इनपुट-पीटीआई)












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