Kerala: LDF सरकार से दो मंत्रियों का इस्तीफा, इस समझौते के तहत 29 दिसंबर को नए मंत्री लेंगे शपथ
Kerala Cabinet Reshuffle: केरल में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन विजयन की अगुवाई वाली एलडीएफ सरकार से दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। राज्य सरकार की ओर से घोषणा की गई है कि 29 दिसंबर को कैबिनेट विस्तार होगा और उनकी जगह नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी।
दरअसल, केरल में सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के सहयोगियों के बीच मंत्रिमंडल में इस तरह की फेरबदल का समझौता पहले से ही तय था और उसी के आधार पर दो मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है और उनकी जगह दो नए चेहरों को कैबिनेट में जगह दी जाएगी।

केरल में दो मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
एलडीएफ के संयोजक ईपी जयराजन ने कहा है कि ट्रांसपोर्ट मंत्री और डेमोक्रेटिक केरल कांग्रेस के एंटोनी राजू और इंडियन नेशनल लीग के एमएलए और बंदरगाह मंत्री अहमद देवरकोविल ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
29 दिसंबर को एलडीएफ सरकार में फेरबदल
जयराजन के मुताबिक, 'दो मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। नए मंत्रियों को 29 दिसंबर को शपथ दिलाई जाएगी। उनके विभागों पर मुख्यमंत्री फैसला करेंगे।'
इन दोनों नेताओं की जगह 29 दिसंबर को जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी, वे हैं कांग्रेस (एस) के रामचंद्रन कडन्नप्पल्ली और केरल कांग्रेस (बी) के केबी गणेश कुमार। ये दोनों मौजूदा सरकार के पूरे कार्यकाल तक मंत्री रहेंगे।
2021 में दूसरी बार सरकार बनने पर हुआ था समझौता
मई 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद केरल में जब लगातार दूसरी बार एलडीएफ सरकार बनी थी तो सीपीएम की अगुवाई वाले एलडीएफ गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच तय हुआ था कि एक-एक एमएलए वाले चार दलों के बीच मंत्री पद का बराबर-बराबर कार्यकाल के लिए बंटवारा किया जाएगा।
केरल में अधिकतम 21 मंत्री का प्रावधान
दरअसल, संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक केरल में अधिकतम 21 विधायक ही मंत्री बन सकते हैं। इसी वजह से सहयोगी दलों के बीच मंत्री पद के कार्यकाल को विभाजित करने का फैसला किया गया।
इस्तीफा देने के बाद एंटोनी राजू ने मीडिया वालों से कहा कि वह तो नवंबर में ही इस्तीफा देने के लिए तैयार थे, लेकिन नव केरल सदास (एलडीएफ सरकार का आउटरीच प्रोग्राम) की वजह से देर हो गई।
उन्होंने कहा, 'लेकिन, शायद नव केरल सदास की वजह से मुख्यमंत्री और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने मुझसे मंत्री बने रहने को कहा। कल नव केरल सदास का समापन था और मुझे इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की अध्यक्षता का अवसर मिला।'
उन्होंने कहा है कि उन्हें खुशी है कि उन्होंने ट्रांसपोर्ट मंत्री के रूप में केएसआरटीसी स्टाफ के सभी वेतन बकाया मंजूर करने के बाद इस्तीफा दिया है। वहीं देवरकोविल ने कहा है कि वह मंत्री के रूप में पिछले ढाई साल की अपनी भूमिका से पूरी तरह से संतुष्ट हैं। (इनपुट-पीटीआई)












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