NSA अजित डोवाल से बात करने के बाद कश्मीर के IAS शाह फैसल ने लिया राजनीति छोड़ने का फैसला!
श्रीनगर। साल 2009 में शाह फैसल ने आईएएस की परीक्षा पास करके इतिहास रचा था। साल 2018 में उन्होंने ब्यूरोक्रेसी की जगह जब राजनीति को चुना तो फिर सुर्खियों में आ गए। अब पिछले दिनों जब से उन्होंने राजनीति छोड़कर ब्यूरोक्रेसी में जाने पर विचार करना शुरू किया तो एक बार और उन्हें लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इंग्लिश डेली हिन्दुस्तान टाइम्स की तरफ से बताया गया है कि फैसल इस समय केंद्र सरकार के बड़े ऑफिसर्स के संपर्क में हैं। हाल ही में उन्होंने उस पार्टी को छोड़ा है जिसकी नींव फैसल ने ही डाली थी।

फैसल बोले तो इसमें नया क्या है
बताया जा रहा है कि फैसल ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) से बात करने के बाद यह फैसला लिया था। फैसल साल 2009 में कश्मीर के पहले नागरिक थे जो आईएएस के लिए चुने गए थे। आईएएस की परीक्षा पास करके उन्होंने कई सालों तक कश्मीर की सेवा की। जब उन्होंने ब्यूरोक्रेसी छोड़ जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) की शुरुआत की तो कई लोग हैरान रह गए थे। जो जानकारी हिन्दुस्तान टाइम्स की तरफ से आई है उसके मुताबिक फैसल ने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी सदस्यों को देने से पहले एनएसए डोवाल से बात की थी। फैसल ने भी अखबार के साथ हुई वार्ता में इस बात को स्वीकार किया है। 37 वर्षीय फैसल ने कहा, 'सरकार के लोगों से मैं बात कर रहा हूं और बहुत सारी अटकलें लगाई जा रही हैं। मैं आईएएस मेंबर रह चुका हूं और अगर मैं सरकार के लोगों से मिल रहा हूं तो इसमें कुछ अजीब नहीं है।' फैसल ने कहा कि उन्हें कश्मीर में ही रहना है और वहीं पर काम करना है, ऐसे में यह एक सामान्य बात है। हालांकि फैसल ने खास जानकारियां देने से इनकार कर दिया। एनएसए की तरफ से इस पर कोई भी टिप्पणी नहीं की गई है।












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