जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल पास होने के बाद गिरफ्तार किए गए उमर और महबूबा
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और नेशन कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को राज्यसभा द्वारा राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के विधेयक को पारित करने के कुछ देर बाद गिरफ्तार कर लिया गया। महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को गिरफ्तारी के बाद श्रीनगर के सरकारी गेस्ट हाउस (हरि नगर गेस्ट हाउस) में ले जाया गया है। बता दें बीती रात दोनों नेताओं को आधी रात के बाद घर में नजरबंद कर दिया गया था। इससे पहले कानून व्यवस्था के मद्देनजर अब जम्मू-कश्मीर के कई स्थानीय और दिग्गज नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था।

दोनों नेताओं की गिरफ्तारी की वजह अभी सामने नहीं आई है। राज्य से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के प्रस्ताव के बाद केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। सूत्रों के मुताबिक कें केंद्र सरकार ने एहतियातन के तौर पर यह कार्यवाही की है। राज्य में विपक्षी दलों के धारा 370 को लेकर लगातार किये जा रहे विरोध से सरकार को डर है कि इससे राज्य में खराब हालात पैदा हो सकते हैं। गौरतलब है कि स्थानीय नेता सज्जाद लोन को भी रविवार देर रात नजरबंद कर दिया गया था।
घाटी में अनुच्छेद 370 को खत्म करने को लेकर प्रतिक्रिया स्वरूप होने वाली किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पूरे जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लागू करने के अलावा इंटरनेट और केबल टीवी नेटवर्क को बंद कर दिया गया है। इससे पहले दिन में, महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने के लिए मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था। दरअसल महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार के हर कदम पर शुरू से सवाल उठा रहे हैं।
राज्य में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किए जाने और स्पेशल एडवाइजरी जारी किए जाने के बाद महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। राज्यसभा में सोमवार को जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को पास कर दिया गया है। बिल के पक्ष में 125 वोट और 61 विपक्ष में वोट पड़े हैं जबकि एक सदस्य गैर हाजिर रहा। इस बिल में जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने और दोनों को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के प्रावधान शामिल हैं।
बता दें कि धारा 370 को खत्म करने के बाद महबूबा मुफ्ती ने कहा था, 'आज का दिन भारतीय लोकतंत्र का स्याह दिन है। धारा 370 (Article 370) निरस्त करने का भारत सरकार का एकतरफा फैसला गैर कानूनी, असंवैधानिक है। जम्मू-कश्मीर में भारत संचालन बल बन जाएगा। अनुच्छेद 370 पर उठाया गया कदम उपमहाद्वीप के लिए विनाशकारी परिणाम लेकर आएगा, वे जम्मू-कश्मीर के लोगों को आतंकित कर इस क्षेत्र पर अधिकार चाहते हैं। भारत कश्मीर के साथ किये गए वादों को पूरा करने में नाकाम रहा है।












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