पद्मावत के बाद आरक्षण और राम मंदिर के लिए सड़कों पर उतरेंगे राजपूत संगठन
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नई दिल्लीः संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के विरोध को लेकर सुर्खियों में आई करणी सेना अब नए आंदोलन की तैयारी में है। करणी सेना के साथ कई राजपूत संगठन आरक्षण और राम मंदिर निर्माण को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। सभी राजपूत संगठनों ने एकजुट होकर एक बड़ा आंदोलन करने का फैसला किया है। इसी सिलसिले में दिल्ली में गुरुवार को एक बैठक की गई।

बताया जा रहा है कि गुरुवार को हुई इस बैठक में करणी सेना के लोकेंद्र सिंह कालवी समेत कई राजपूत संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सभी ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि सभी लोग आर्थिक रूप से कमजोर क्षत्रिय समाज के लोगों को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन करेंगे।
आंदोलनों के जरिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि वो इस मामले में प्रस्ताव लाए। साथ ही अयोध्या में राम मंदिर बनाने के विकल्प पर भी चर्चा चल रहा है। कॉन्फ्रेंस के संयोजक कैप्टन कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि 1717 में राम मंदिर निर्माण के लिए जयपुर के महाराज सवाई जय सिंह ने भूमि भी दान दी थी।
कैप्टन कुंवर विक्रम सिंह के मुताबिक राम मंदिर का निर्माण करना क्षत्रिय समाज अपना दायित्व समझता है क्योंकि भगवान राम भी क्षत्रिय थे।
वहीं, फिल्म पद्मावत के बाद सुर्खियों में आई करणी सेना के संरक्षख लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि फिल्म के विरोध में आंदोलन की वजह से 468 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद अगले 50 वर्षों तक किसी की हिम्मत नहीं होगी कि वह ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करे।
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