Karnataka Opinion Poll: कांग्रेस की वापसी की कितनी उम्मीद, BJP को कितनी सीटें, सबसे बड़ी पार्टी कौन?
Karnataka Opinion Poll 10 मई की वोटिंग से पहले बेहद दिलचस्प आंकड़े पेश कर रहे हैं। कांग्रेस की वापसी की कितनी उम्मीद, BJP को कितनी सीटें, सबसे बड़ी पार्टी कौन? जैसे सवालों पर अनुमान जानिए

Karnataka Opinion Poll सत्तारूढ़ बीजेपी, विपक्षी दल कांग्रेस और जेडीएस के लिए चौंकाने वाले नतीजे दिखा रहा है। गठबंधन की सरकार गंवाने वाली कांग्रेस सत्ता में वापस लौटेगी, इस बात की कितनी उम्मीदें हैं, इस सवाल पर आठ का फेर फंसने की आशंका है। ओपिनियन पोल के अनुसार कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी जरूर बन सकती है, लेकिन बहुमत के मैजिक नंबर से आठ सीटें कम होने के कारण उसे दूसरे दलों से मदद मांगनी पड़ सकती है।
BJP को कितनी सीटें, सबसे बड़ी पार्टी कौन बनेगी? ऐसे तमाम सियासी सवालों पर इंडिया टीवी-सीएनएक्स ओपिनियन पोल में बेहद दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा को 85 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। कांग्रेस को सबसे अधिक 105 सीटें मिलने का अनुमान है।
पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी की जनता दल सेकुलर (JDS) को 32 सीटें मिलने की संभावना है, ऐसे में कर्नाटक में एक बार फिर गठबंधन की राजनीति वाली सरकार अस्तित्व में आ सकती है। जेडीएस किंगमेकर बनेगी या नहीं, इसका पता 13 मई को चुनाव आयोग के आधिकारिक नतीजों में चल जाएगा। अन्य और निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में केवल 2 सीटें जाने का अनुमान है।
इस ओपिनियन पोल को पांच साल पहले के चुनाव परिणाम के अनुसार भी समझा जा सकता है। 2018 में बीजेपी को 104 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को पांच साल पहले 80 सीटें मिली थीं। जेडीएस को 37 जबकि अन्य के खाते में तीन सीटें गई थीं।
वोट शेयर के पैमाने पर भी ओपिनियन पोल काफी रोचक है। अनुमान के अनुसार कांग्रेस को 40 फीसद से अधिक वोटर्स का साथ मिलेगा। 35 फीसद से अधिक मतदाता बीजेपी के साथ जा सकते हैं। 17 फीसद से अधिक लोग जेडीएस का साथ दे सकते हैं। अन्य के खाते में 6.37 फीसद वोट जा सकते हैं।
- बीजेपी- 35.5 फीसदी
- कांग्रेस 40.32 फीसदी
- जेडी (एस) 17.81 प्रतिशत
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस को 38.04 प्रतिशत वोट मिले थे। ऐसे में अब पांच साल बाद कर्नाटक से आने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पार्टी को प्रदर्शन में सुधार की पूरी उम्मीद है। पिछले आम चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी को 36.22 फीसदी, जबकि जेडीएस को 18.36 फीसदी वोट मिले थे। अन्य और निर्दलीयों के खाते में 7.38 फीसदी वोट गए थे।
सियासी कामयाबी और सत्ता हासिल करने के लिए कर्नाटक में जातीय और समुदाय के समीकरण भी बेहद अहम हैं। अनुमानों के अनुसार कांग्रेस को 75.3 फीसदी वोट कुरुबा कम्युनिटी से मिलेंगे।लिंगायत वोट 15.11 फीसदी जबकि वोक्कालिगा वोट 17.57 फीसदी मिलने के आसार हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति के बीच भी कांग्रेस को अच्छा समर्थन मिल सकता है। 40.56 फीसदी एससी वोट, जबकि 42.35 फीसदी एसटी वोट मिल सकते हैं।
इंडिया टीवी के ओपिनियन पोल के अनुसार इस साल 34.58 फीसदी ओबीसी वोट, 78 फीसदी मुस्लिम मतदाता भी कांग्रेस का साथ दे सकते हैं।
सत्तारूढ बीजेपी मुख्यरूप से 75.8 फीसदी लिंगायत वोट पर फोकस करेगी, ऐसी संभावना है। इसके अलावा 15.14 फीसदी कुरुबा वोटर भी बीजेपी का समर्थन कर सकते हैं। अन्य समुदायों से भाजपा को कितने वोट का अनुमान-
- वोक्कालिगा वोट- 17.39 फीसदी
- एससी वोट- 39.6 फीसदी
- एसटी वोट - 32.18 फीसदी
- ओबीसी वोट- 51.7 फीसदी
इनके अलावा भाजपा को केवल 2.07 फीसदी वोट अन्य जाति और समुदाय के लोगों से मिलेगा, ऐसा अनुमान है। पोल के मुताबिक जेडीएस को 56 फीसदी वोक्कालिगा वोट मिलने का अनुमान है।












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