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'कांग्रेस सरकार में वोट चोरी हुए', राहुल गांधी की पोल खोलने वाले मंत्री KN Rajanna की गई कुर्सी! कितने अमीर?

Karnataka Minister KN Rajanna Resigns: कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार में सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना ने 'वोट चोरी' पर सनसनीखेज बयान देकर अपनी कुर्सी गंवा दी। 11 अगस्त 2025 को कांग्रेस आलाकमान के दबाव में राजन्ना ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

उनके बयान ने राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के दावे को कटघरे में खड़ा कर दिया, जिससे कांग्रेस में हड़कंप मच गया। कर्नाटक विधानसभा में इस मुद्दे पर बीजेपी ने भी सरकार को घेरा। आइए, इस सियासी ड्रामे और राजन्ना की दौलत की कहानी को जानें ...

KN Rajanna Resigns

क्या था 'वोट चोरी' बयान?

केएन राजन्ना ने 8 अगस्त 2025 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ियां कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर कांग्रेस ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की, जिससे वोट चोरी को बढ़ावा मिला। यह बयान राहुल गांधी के उस दावे के ठीक उलट था, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग पर '1,00,250 वोटों की चोरी' का आरोप लगाया था।

राहुल ने महादेवपुरा विधानसभा में 11,965 डुप्लिकेट वोटर, 40,009 फर्जी पते, और 33,692 फॉर्म 6 के दुरुपयोग जैसे सबूतों को 'एटम बम' बताया था। लेकिन राजन्ना के बयान ने कांग्रेस के इस नैरेटिव को पलट दिया।

कांग्रेस का एक्शन, बीजेपी का तंज

कांग्रेस आलाकमान ने राजन्ना के बयान को पार्टी लाइन के खिलाफ माना और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को उन्हें हटाने का आदेश दिया। 11 अगस्त 2025 को कर्नाटक गवर्नर ने राजन्ना का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, राजन्ना के बेटे और एमएलसी राजेंद्र ने सीएमओ को इस्तीफा सौंपा।

बीजेपी ने इस मौके को भुनाया। बीजेपी सांसद बसवराज बोम्मई ने कहा, 'कांग्रेस में सच बोलने की जगह नहीं। राजन्ना ने सच कहा कि वोटर लिस्ट की गड़बड़ी कांग्रेस के समय हुई थी।' कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने तंज कसा, 'राहुल गांधी का बयान झूठा था, राजन्ना ने सच उजागर किया।' बीजेपी नेता आर अशोक ने कहा, 'राहुल गांधी ने राजन्ना को नोटिस भेजकर निलंबित करवाया।'

राजन्ना का सियासी ड्रामा: पुराना है विवादों से नाता

केएन राजन्ना पहले भी विवादों के लिए चर्चा में रहे हैं। जुलाई 2025 में उन्होंने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की थी। राजन्ना ने अधिक उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति की वकालत करते हुए कहा था, 'सितंबर में बड़ा सियासी तूफान आएगा।' वाल्मीकि समुदाय से आने वाले राजन्ना को हाल ही में हासन जिले के प्रभारी मंत्री पद से हटाया गया था। इससे पहले, वाल्मीकि विकास निगम घोटाले के बाद बी नागेंद्र के इस्तीफे के बाद वह दूसरे अनुसूचित जाति नेता हैं, जिन्हें कुर्सी गंवानी पड़ी।

Who Is KN Rajanna: कौन हैं केएन राजन्ना?

क्याथासंद्रा नारायण राजन्ना (Kyathasandra N Rajanna) का जन्म 13 अप्रैल 1951 को हुआ। वह कर्नाटक कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। मधुगिरि से दो बार विधायक (2013, 2023) और सहकारिता मंत्री (2023-2025) रहे। उनका सियासी सफर दशकों पुराना है:-

  • 1972-1984: कांग्रेस यूथ विंग में सक्रिय, स्थानीय राजनीति में नींव रखी।
  • 1998-2004: कर्नाटक विधान परिषद सदस्य।
  • 2004: जेडी(एस) से मधुगिरि में विधायक बने, लेकिन जल्द ही कांग्रेस में लौटे।
  • 2013, 2023: मधुगिरि से कांग्रेस के टिकट पर जीत।
  • 2001-2005, 2015-2020: कर्नाटक स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक के अध्यक्ष।
  • मई 2023-अगस्त 2025: सिद्धारमैया मंत्रिमंडल में सहकारिता मंत्री।

KN Rajanna Net Worth: कितने अमीर हैं राजन्ना?

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, राजन्ना की कुल संपत्ति 35.26 करोड़ रुपये है, जिसमें 12.8 करोड़ रुपये की देनदारियां शामिल हैं। उनकी संपत्ति में 1.2 करोड़ की चल संपत्ति (नकदी, ज्वैलरी, बैंक बैलेंस) और 34 करोड़ की अचल संपत्ति (जमीन, मकान) शामिल हैं। उनका आपराधिक रिकॉर्ड पूरी तरह साफ है।

KN Rajanna Education: कितने पढ़े-लिखे राजन्ना?

  • एलएलबी (1984): विद्योदय लॉ कॉलेज, तुमकुर, बैंगलोर यूनिवर्सिटी।
  • बीएससी (1972): गवर्नमेंट साइंस कॉलेज, तुमकुर, मैसूर यूनिवर्सिटी।

क्या हैं सियासी मायने?

राजन्ना का इस्तीफा कर्नाटक कांग्रेस में अंदरूनी कलह को उजागर करता है। राहुल गांधी के 'वोट चोरी' अभियान को उनके ही नेता ने कमजोर कर दिया। बीजेपी इसे कांग्रेस की नाकामी के तौर पर पेश कर रही है।

क्या होगा आगे?

कर्नाटक विधानसभा में सिद्धारमैया जल्द इस पर बयान देंगे। राजन्ना का इस्तीफा कांग्रेस के लिए सियासी झटका है, खासकर वाल्मीकि समुदाय के बीच। क्या यह नेतृत्व परिवर्तन की ओर इशारा है, जैसा कि राजन्ना ने सितंबर तूफान की बात कही थी? यह समय बताएगा। आप क्या सोचते हैं? क्या राजन्ना का सच बोलना सही था, या कांग्रेस का एक्शन जायज है? कमेंट्स में अपनी राय शेयर करें!

ये भी पढ़ें- 'चुनाव आयोग जानता है उसका डेटा फटेगा इसलिए', चुनाव आयोग के नोटिस पर राहुल गांधी ने किया एक और बड़ा दावा

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