'चुनाव आयोग जानता है उसका डेटा फटेगा इसलिए', चुनाव आयोग के नोटिस पर राहुल गांधी ने किया एक और बड़ा दावा
Rahul Gandhi vs Election Commission: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 7 अगस्त को प्रेस कान्फ्रेंस कर ये दावा किया कि बेंगलुरु सेंट्रल की सीट पर डबल वोटिंग हुई। उन्होंने बेंगलुरु सेंट्रल के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मतदाता धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। जिसके बाद कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने राहुल गांधी से 2024 के लोकसभा चुनावों में मतदाता धोखाधड़ी के आरोपों पर नोटिस भेज कर आरोपों के समर्थन में स्पष्टीकरण और सबूत मांगे हैं।
निर्वाचन अधिकारी की नोटिस पर राहुल गांधी ने सोमवार को प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राहुल गांधी ने कहा, आप ये मत सोचिए कि ये बस सिर्फ बेंगलुरू में हुआ है, ये देश में अलग-अलग चुनावी क्षेत्रों में हुआ है। ये चुनाव आयोग जानता है कि उसका जो डेटा है वो फटेगा, जिसको चुनाव अयोग कंट्रोल करने और छिपाने की कोशिश कर रहा है, हम उसको निकाल देंगे। वो डेटा फटेगा वो जानता है।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग द्वारा भेजी गई नोटिस पर कहा, "यह उनका (चुनाव आयोग का) डेटा है। यह मेरा डेटा नहीं है जिस पर मैं (हलफनामे पर) हस्ताक्षर करूंगा। उस डेटा को अपनी वेबसाइट पर डालें और आपको पता चल जाएगा। यह सब सिर्फ मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए है। यह सिर्फ बेंगलुरु में ही नहीं, बल्कि कई अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी हुआ है।"
राहुल गांधी के इस दावे को चुनाव आयोग ने किया खारिज
बता दें, 10 अगस्त, 2025 को सीईओ ने राहुल गांधी के उन दावों पर सीधी प्रतिक्रिया दी, जिनमें उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग (ईसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, 70 वर्षीय मतदाता शकुन रानी ने दो बार मतदान किया था। सीईओ कार्यालय की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि रानी ने केवल एक बार मतदान किया था।
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से मांगे सबूत
सीईओ ने राहुल गांधी से सबूत मांगे और नोटिस में कहा, "आपसे अनुरोध है कि आप वे प्रासंगिक दस्तावेज उपलब्ध कराएं जिनके आधार पर आपने 7 अगस्त को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शकुन रानी नाम की मतदाता के दो बार मतदान करने का दावा किया है, ताकि इस कार्यालय द्वारा विस्तृत जांच की जा सके।"
राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाला गया
बता दें इस नाेटिस के बाद सोमवार को इंडिया गठबंधन (India Alliance) के सांसदों ने चुनाव आयोग (EC) की ओर एक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च सोमवार को सुबह करीब 11:30 बजे संसद भवन से शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी ने किया। जैसे ही नेताओं का समूह संसद से बाहर निकला, दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से बिहार में होने वाले चुनावों के लिए मतदाता सूचियों के 'विशेष सघन पुनरीक्षण' (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और 2024 के आम चुनावों के दौरान 'मतदाता धोखाधड़ी' के आरोपों के खिलाफ था।












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