कर्नाटक हिजाब बैन पर SC के फैसले से पहले सिब्बल का ट्वीट, कहा- लैब एक्सपेरिमेंट है ये, अगर कामयाब हुआ तो...
कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब बैन पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा। लेकिन उससे पहले सीनियर वकील और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने बड़ा बयान दिया है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि हिजाब बैन की मांग करना एक 'लैब एक्सपेरिमेंट' है। अगर यह कर्नाटक में सफल हो जाएगा, तो इसे अन्य भाजपा शासित राज्यों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को हिजाब बैन पर प्रयोग करने के बजाय मुद्रास्फीति को कम करने, कारखाने का उत्पादन बढ़ाने, गरीबी उन्मूलन और गरीबों को न्याय दिलाने के लिए प्रयोग करना चाहिए।
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आपको बता दें कि न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ आज कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगी। कर्नाटक हाईकोर्ट की तरफ से राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को बरकरार रखा गया है। मामले में पीठ ने 22 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। वहीं, यदि अब दोनों न्यायाधीश अपने मत में एक-दूसरे से सहमत नहीं होंगे, तो मामले को एक बड़ी पीठ के पास भेजा जाएगा।
बता दें कि सिब्बल वरिष्ठ वकीलों में एक हैं, जिन्होंने छात्राओं, महिला अधिकार समूहों, वकीलों, कार्यकर्ताओं और इस्लामी निकायों के बैच के लिए तर्क दिया था। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन, दुष्यंत दवे, सलमान खुर्शीद, हुज़ेफ़ा अहमदी, कॉलिन गोंजाल्विस, मीनाक्षी अरोड़ा, संजय हेगड़े, एएम डार, देवदत्त कामत और जयना कोठारी ने भी मुस्लिम छात्राओं की तरफ से पहने जाने वाले दुपट्टे पर प्रतिबंध के खिलाफ तर्क दिया था।
आपको बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुस्लिम छात्रों के एक ग्रुप की तरफ से कक्षाओं के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि स्कार्फ पहनना इस्लाम में आवश्यक धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं है।आपको बता दें कि कर्नाटक के उडुपी जिले के एक कॉलेज में हिजाब पहनने को लेकर बवाल हो गया था।
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