Karnataka elections: वोटरों को कुकर, डिनर सेट गिफ्ट बांट रहे नेता, लुभावने ऑफर में हज और धार्मिक यात्रा भी
कर्नाटक चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए नेता गिफ्ट देने के साथ इस बार धार्मिक यात्राएं भी करवा रहे हैं।

Karnataka elections 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले वोटरों को लुभाने के लिए राजनीतिक दल जहां बड़ी-बड़ी रैलियां और जनसभाएं कर रहे हैं। पिछले चुनावों की तरह इस बार भी वोटरों को लुभाने के लिए राजीनतिक दल तरह-तरह के उपहार जैसे प्रेशर कुकर, घड़ी, बीमा पॉलिसी समेत अन्य चीजें बांटते नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक पार्टियों के नेता वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए उन्हें धार्मिक यात्राओं को ऑफर दे रही हैं। धार्मिक यात्रा के नाम पर केवल देश के अंदर ही नहीं देश के बार उमराह और हज के लिए मक्का की यात्रा पर भेजने का ऑफर दे रही हैं।

वोटरों को मुफ्त के पैकेज का लालच देकर उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए इस बार के चुनाव में नेताओं के बीच मानों होड़ मची हुई हैं। वोटरों के बैच में भेजने के लिए राजनीतिक दल पूरे एक महीने से निजी बसों की बुकिंग कर रहे हैं। राजनीतिक दलों को यह मतदाताओं से जुड़ने का सबसे दमदार तरीका लग रहा है।

कांग्रेस नेता समीर अहमद अपने क्षेत्र के लोगों को मक्का की यात्रा करवा रहे हैं। इसके पीछे वो तर्क दे रहे हैं कि उन्होंने उन्हें COVID-19 महामारी के दौरान किए गए अच्छे कार्यों के लिए तीर्थ यात्रा पर भेजने का वादा किया था उसी वादे को पूरा कर रहा हूं। समीर अहमद अब तक 17 लोगों को सऊदी अरब भेज चुके हैं उन्होंने कहा मैं वास्तव में मानता हूं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।

वहीं भाजपा नेता एस आर विश्वनाथ, जो तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के सदस्य भी हैं अपने निर्वाचन क्षेत्र से हर दिन लगभग 70 लोगों को तिरुपति मंदिर के दर्शन के लिए भेज रहे हैं। हालांकि भाजपा नेता ने कहा कि इसका आगामी चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा नेता विश्वनाथ ने तिरुपति यात्रा पर लोगों को भेजे जाने पर सफाई देते हुए कहा मैं बोर्ड का सदस्य हूं और मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि मेरे क्षेत्र के लोग आसानी से मंदिर तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि मैं पिछले दो सालों से ऐसा कर रहा हूं।
इतना ही नहीं नेता धार्मिक यात्राओं के अलावा, राजनेता मतदाताओं को लुभाने के लिए कुकर, डिजिटल घड़ियां और अन्य उपहार भी बांट रहे हैं। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसारा बेंगलुरु में डिनर सेट बांटे गए थे। नाम ना छापने की शर्त पर महिला ने दावा किया था कि उन्हें डिनर सेट लेने के लिए फोन आया था। पहले तो उसने सोचा कि यह एक शरारत है, लेकिन जब वह जांच करने गई तो वहां कुछ लोग थे जो डिनर सेट बांट रहे थे।
वन इंडिया को कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार मीणा ने कहा कि चुनाव आयोग को इन प्रथाओं पर नकेल कसना मुश्किल हो गया है, चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले इसे रोकने के तरीके हैं। चुनाव अधिकारी ने कहा कि सभी प्रवर्तन एजेंसियों की बैठक बुलाई गई है और उन्हें इस संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
राजनीति विशेषज्ञ के अनुसार अभी चूंकि आचार संहिता लागू नहीं हुई है ऐसे में राजनीतिक दल ये सब कर रहे हैं। उनमें से अधिकांश इस तथ्य का लाभ उठा रहे हैं कि भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने अभी तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है। ऐसे में चूंकि आदर्श आचार संहिता अभी तक लागू नहीं हुई है ऐसे में चुनाव आयोग को इन राजनेताओं पर कार्रवाई करना मुश्किल होगा।
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