Karnataka election: देश की सबसे अमीर महिला कैंडिडेट! ना बिजनेस, ना नौकरी फिर भी 1600 करोड़ की है मालकिन
Karnataka election 37 वर्षीय शाजिया तरन्नुम कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उतरने वाली शायद सबसे अमीर प्रत्याशी हैं।

कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया का कल पहला दिन था। पहले दिन कई दिग्गज नेताओं और मंत्रियों ने अपने नामांकन दाखिल किए। लेकिन एक नामांकन ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
गुरुवार को चिकपेट निर्वाचन क्षेत्र से एक महिला उम्मीदवार ने निर्दलीय कैंडिडेट के तौर पर अपना पर्चा दाखिल किया। नामांकन के साथ दिए गए संपत्ति के ब्यौरे ने हर किसी को हैरान कर दिया। महिला ने अपनी कुल संपत्ति 1600 करोड़ रुपए बताई है। इस प्रत्याशी का नाम शाजिया तरन्नुम है।
शाजिया तरन्नुम शायद भारत की सबसे महिला अमीर विधानसभा उम्मीदवार होंगी। शाजिया ने अपनी कुल संपत्ति 1622 करोड़ बताई है। शाजिया कांग्रेस विधायक यूसुफ शरीफ उर्फ केजीएफ बाबू की पत्नी हैं। फिलहाल यूसुफ को कांग्रेस टिकट नहीं दिया है।
इसलिए यूसुफ ने अपनी पत्नी को चिकपेट निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतारा है। 37 वर्षीय शाजिया तरन्नुम कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उतरने वाली सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। उन्होंने कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर और उद्योग मंत्री मुरुगेश निरानी को भी पीछे छोड़ दिया है।

कौन हैं शाजिया तरन्नुम ?
क्लास 7 तक पढ़ीं शाजिया तरन्नुम एक साधारण की हाउस वाइफ हैं लेकिन उनके पति यूसुफ एक करोड़पति बिल्डर हैं। इस बार यूसुफ को कांग्रेस से टिकट ना मिलने के चलते नाराज केजीएफ बाबू ने अपनी पत्नी को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतार दिया।
शाजिया ने बताया, 'मैंने अपने पति के कहने पर अपना नामांकन दाखिल किया है। मेरे साथ मेरे पति और सैकड़ों समर्थक हैं। वह चाहते थे मैं चुनाव लड़ूं, इसलिए नामांकन पर्चा भरा है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि, शाजिया अपना नामांकन वापस ले सकती है, अगर उनके पति यूसुफ को कांग्रेस टिकट दे देती है।

केजीएफ बाबू का फर्श से अर्श तक का सफर
रियल एस्टेट के काम से पहले स्क्रैप का व्यवसाय करने वाले युसूफ इससे पहले तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने 2021 में बेंगलुरु शहरी सीट के लिए अपने एमएलसी चुनावी हलफनामे में 1,743 करोड़ रुपये की संपत्ति की घोषणा की थी। यूसुफ शरीफ 14 भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और गरीबी में पले-बढ़े हैं। वो रियल एस्टेट समेत कई कारोबार चलाते हैं।
यूसुफ शरीफ ने कोलार गोल्ड फील्ड्स (केजीएफ) के पूर्व खनन शहर में एक स्क्रैप डीलर के रूप में शुरुआत की थी। बाद में नीलामी में रद्दी, सोने के टैंक/पाइप खरीदते थे। युसूफ शरीफ के कारोबार में मुख्य रूप से जमीन खरीदना और बेचना शामिल है।

केजीएफ बाबू की दो पत्नियां हैं- रुकासन ताज और शाजिया तरन्नुम। उनके पांच बच्चे हैं। यूसुफ शरीफ ने 100 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 1,643.59 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है।
केजीएफ बाबू हाल ही में उस बक्त सुर्खियों में आए थे, बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन से उन्होंने एक रॉल्स रॉयस फैंटम कार खरीदी थी। हालांकि बाद में इसे ईडी ने जब्त कर लिया था। यूसुफ के बाद 4.8 किलोग्राम सोना और बेंगलुरु और उसके आसपास सैकड़ों एकड़ कृषि और गैर-कृषि भूमि है, जिसकी कीमत 1,593.27 करोड़ रुपये है।
2018 के चुनावों के दौरान घोषित की गई तुलना में केजीएफ बाबू की संपत्ति 121 करोड़ रुपये कम हुई है। उन्होंने कहा, 'पिछली बार मेरी कुल संपत्ति 1,743 करोड़ रुपये थी और अब यह घटकर 1,622 करोड़ रुपये रह गई है। मैंने लोगों से किए वादों को पूरा करने के लिए कुछ संपत्तियां बेची हैं।

शाजिया ने मतदाताओं के लिए की होश उड़ाने वाली घोषणाएं
केजीएफ बाबू ने कहा कि मैंने इस बार 3,000 घर बनाने और 60,000 छात्रवृत्ति के अलावा 23,000 परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया है। यूसुफ ने बताया कि, 400 घरों पर निर्माण कार्य चल रहा है और मुफ्त एलपीजी सिलेंडर प्रति माह 3.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बाबू ने इन बातों को खारिज कर दिया कि अल्पसंख्यक समुदाय से होने के कारण उनकी टिकट देने में अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि, कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और आलाकमान ने मुझे टिकट देने का वादा किया है। अगर पार्टी मुझे टिकट नहीं देती है तो मैं चिकपेट के लोगों, पार्षदों और समर्थकों से सलाह लूंगा और ऐसी पार्टी में शामिल होऊंगा जो मुझे टिकट देगी। लेकिन मैं इस बार हर कीमत पर चुनाव लडूंगा।












Click it and Unblock the Notifications