Karnataka Election Result 2023: भाजपा और कांग्रेस ने निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क साधने की बनाई है योजना
भाजपा, कांग्रेस ने मतगणना के दिन निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क करने की योजना बनाई

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम आने में अब कुछ ही घंटे शेष बचे हैं। 13 मई शनिवार को वोटों की गिनती के दिन सत्तारूढ़ भाजपा और प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस दोनों शुक्रवार को आपस में भिड़ गए और झुंड को एक साथ रखने के तरीकों पर स्ट्रेटजी सेशन आयोजित किया। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार जिनकी इस चुनाव में जीतने की भारी संभावना है उन तक पहुंचने पर भी विचार किया। इसकी वजह है कि अधिकांश एग्जिट पोल ने भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर की भविष्यवाणी की थी।
कर्नाटक में इस बाद खंडित जनदेश की संभावना को देखते हुए भाजपा, कांग्रेस जिताऊ निर्दलीय उम्मीदवारों को अपने साथ जोड़ने के लिए संपर्क साधा है।
येदियुरप्पा के घर पर हुई अहम बैठक
बता दें भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के घर पर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और मंत्रियों मुरुगेश निरानी, बैराथी बसवराज, पार्टी सांसद लहर सिंह सिरोया और ए टी रामास्वामी सहित पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मुलाकात की।
भाजपा ने बनाई है ये रणनीति
बताया जा रहा है कि नेताओं ने भी अपने नवनिर्वाचित विधायकों को एक साथ रखने की रणनीति बनाई है, और निर्दलीय, ज्यादातर भाजपा के बागी, साथ ही छोटे दलों के जीतने वाले उम्मीदवारों से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं।
खड़गे के आवास पर कांग्रेस ने भी की अहम बैठक
वहीं शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष एम मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एआईसीसी के महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख डी के शिवकुमार और पूर्व उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर सहित अन्य लोगों ने अहम बैठक की।
कांग्रेस ने कहा हम इस बार सावधान रहेंगे
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी ने नवनिर्वाचित विधायकों को एक साथ रखने के तरीके पर बात की और अगर कांग्रेस को स्पष्ठ जनादेश नहीं मिलता है तो जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क साधने पर बात की।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता परमेश्वर ने मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने विधायकों की खरीद-फरोख्त के खतरे का सामना करना पड़ा। हम इस बार सावधान रहेंगे।
जेडीएस को है विश्वास, उनकी पार्टी ही बनेगी किंग मेकर
जेडीएस भी त्रिशंकु जनादेश की उम्मीद कर रही है उसे उम्मीद है कि वो इस बार किंगमेकर बनेगी। कुमारस्वामी की भी पार्टी विधायकों को एक साथ रखने के लिए सभी प्रयास कर रही है।
त्रिशंकु विधानसभा की संभावना
बता दें कर्नाटक की 224 की सीटों के लिए 10 मई को रिकार्ड तोड़ मतदान हुआ। राज्य में सर्वाधिक मतदान 73.19 प्रतिशत फीसदी दर्ज हआ। जो राज्य का अब तक का सबसे अधिक मतदान है। याद रहे वोटिंग के बाद अधिकांश टीवी चैनलों के एग्जिट पोल ने कर्नाटक ममें त्रिशंकु विधानसभा की संभावना का संकेत दिए हैं। सीटें जीतने के मामले में कांग्रेस को नंबर वन पार्टी और भाजपा को दूसरे नंबर की पार्टी का अनुमान लगाया है।












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