Axis My India India today: एग्जिट पोल में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत, 122-140 सीटें जीतने का अनुमान
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो गई। अब एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ गए हैं, जिसमें कांग्रेस के लिए अच्छी खबर है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव की वोटिंग खत्म हो गई, जहां जमकर मतदान हुआ। इसके साथ ही एग्जिट पोल के नतीजे जारी हो गए। जिसमें कांग्रेस बाजी मारती नजर आ रही है।
Axis My India-India today के मुताबिक कांग्रेस को कर्नाटक में पूर्ण बहुमत मिल सकता है। उसके 122-140 सीटें जीतने की उम्मीद है, जबकि बीजेपी 62-80 सीटों पर ही सिमट सकती है। वहीं पोल में जेडीएस को 20-25 और अन्य को 0-3 सीट पर दिखाया गया।
किस जोन में क्या हाल?
एग्जिट पोल के मुताबिक कर्नाटक के कोस्टल एरिया में 19 सीटें हैं, जिसमें 16 पर बीजेपी कब्जा जमा सकती है, जबकि 3 सीटें कांग्रेस के खाते में जा रहीं।
सेंट्रल कर्नाटक की बात करें, तो वहां पर कुल 23 सीटें हैं, वहां 12 सीटें कांग्रेस जीत सकती है, जबकि बीजेपी के खाते में 10 सीटें जाएंगी। पोल ने सेंट्रल कर्नाटक में सिर्फ एक सीट जेडीएस को दी है।
वहीं बेंगलुरु जोन में कुल 28 सीटें हैं, जिसमें एक चौथाई जनसंख्या रहती है। वहां 17 सीटें कांग्रेस जीत सकती है। एग्जिट पोल के मुताबिक यहां भी बीजेपी पीछे रहेगी और उसे 10 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। इसके अलावा जेडीएस के खाते में एक सीट दिखाई गई।
कर्नाटक के हैदराबाद रीजन की 40 सीटों में से 32 सीटें कांग्रेस जीत सकती है, जबकि 7 पर बीजेपी के आने की उम्मीद है। यहां पर भी जेडीएस के खाते में एक ही सीट गई।
मुंबई-कर्नाटक में क्या हाल?
एग्जिट पोल के मुताबिक कर्नाटक के मुंबई एरिया की 50 सीटों में से 28 सीटें कांग्रेस जीत सकती है। इसके अलावा पोल में 21 सीटें बीजेपी और एक जेडीएस को दिखाई गईं।
कुल कितनी सीटें?
कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 सीटें हैं, जिसका कार्यकाल 24 मई 2023 को खत्म हो रहा। इन सभी सीटों पर आज (10 मई) को वोटिंग पूरी हो गई। अब 13 मई को नतीजे आएंगे।
बीजेपी थी सबसे बड़ी पार्टी
पिछले चुनाव में बीजेपी 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। उसे कुल 36.35 प्रतिशत वोट मिले थे। इसके बाद कांग्रेस 80 सीट पर रही, जिसका वोट प्रतिशत 38.14 रहा। वहीं जेडीएस की हालत काफी ज्यादा खराब थी, वो सिर्फ 37 सीटों पर ही जीती।
बीजेपी ने बदला था सीएम
पिछले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। शुरू में बीएस येदियुरप्पा की अगुवाई में उसने सरकार बना तो ली, लेकिन वो 6 दिन में ही गिर गई। इसके बाद कांग्रेस और जेडीएस साथ आए, जहां कुमारस्वामी ने उनका नेतृ्त्व किया। वो एक साल ही टिक पाए। 26 जुलाई 2019 को येदियुरप्पा ने चौथी बार शपथ ली, लेकिन बाद में पार्टी ने उनको हटा दिया। अब बसवराज बोम्मई सीएम की कुर्सी पर हैं।
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