कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों को इस बीजेपी नेता ने रखा डीके शिवकुमार की पहुंच से दूर!

नई दिल्ली। कर्नाटक के 14 विधायकों के इस्तीफे से कुमारस्वामी सरकार के सामने राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। कांग्रेस और जेडीएस के 14 विधायक इस्तीफा देकर मुंबई के एक होटल में जा बैठे हैं। इन बागी विधायकों को मनाने की जेडीएस और कांग्रेस नेताओं की तमाम कोशिशें नाकाम हुई हैं। वहीं, स्पीकर द्वारा इस्तीफा स्वीकार ना किए जाने पर बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा तक खटखटा दिया। कर्नाटक में राजीनीतिक उथल-पुथल के पीछे कांग्रेस-जेडीएस बार-बार बीजेपी का हाथ बता रही है जबकि विपक्षी पार्टी इन आरोपों को खारिज कर रही है। वहीं, सभी बागी विधायकों के मुंबई में ठहरने के पीछे महाराष्ट्र के एक बीजेपी नेता की बड़ी भूमिका बताई जा रही है।

बागी विधायक मुंबई के होटल में ठहरे हैं

बागी विधायक मुंबई के होटल में ठहरे हैं

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, कर्नाटक में बीजेपी के कथित 'ऑपरेशन लोटस 2.0' में मुंबई के इस नेता ने ना केवल इन 14 विधायकों को एकजुट रखने में बड़ी भूमिका निभाई है, बल्कि इनको कांग्रेस के 'संकटमोचक' डीके शिवकुमार से दूर रखने में भी कामयाब रही है। बागी विधायकों ने कांग्रेस-जेडीएस की संपर्क करने या किसी नतीजे तक पहुंचने की कोशिशों को नाकाम किया है तो उनकी इस एकजुटता के पीछे महाराष्ट्र के बीजेपी नेता प्रसाद लाड को बताया जा रहा है।

प्रसाद लाड को देखा गया था होटल के बाहर

प्रसाद लाड को देखा गया था होटल के बाहर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रसाद लाड को मुंबई के उसी होटल में देखा गया था जहां कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायक इस्तीफा देने के बाद ठहरे हुए हैं। प्रसाद लाड चार साल पहले तक एनसीपी में थे, लेकिन बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने शीर्ष नेताओं का भरोसा हासिल कर लिया। प्रसाद लाड एक बड़ी सिक्योरिटी सर्विसेज क्रिस्टल के मालिक भी हैं। प्रसाद को कभी अजित पवार और जयंत पाटिल का करीबी माना जाता था। साल 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद प्रसाद बीजेपी में शामिल हो गए थे।

जयंत पाटिल के करीबी रहे हैं प्रसाद लाड

जयंत पाटिल के करीबी रहे हैं प्रसाद लाड

ये दूसरा मौका है जब महाराष्ट्र का कोई बीजेपी नेता इस तरीके से कर्नाटक की राजनीति में एक्टिव है। पिछले साल, बीएस येदुरप्पा ने कर्नाटक के सीएम पद की शपथ ली थी लेकिन बाद में बीजेपी बहुमत साबित नहीं कर पाई थी। उस दौरान मुंबई के बीजेपी नेता अमित शेलार को 'ऑपरेशन लोटस' की जिम्मेदारी दी गई थी, उस वक्त वे अपने मिशन में कामयाब नहीं हो सके थे। वहीं, अबकी प्रसाद ने बागी विधायकों को डीके शिवकुमार की पहुंच से दूर रखने का काम किया है।

बागी विधायकों के इस्तीफे से बढ़ी कुमारस्वामी सरकार की मुश्किल

बागी विधायकों के इस्तीफे से बढ़ी कुमारस्वामी सरकार की मुश्किल

कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों को एकजुट रखने का काम प्रसाद ने किया है। बेंगलुरु से अलग-अलग ग्रुप में मुंबई पहुंचे विधायकों को एक जगह इकट्ठा कर गठबंधन सरकार के खिलाफ खड़ा करने में प्रसाद की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। डीके शिवकुमार के मुंबई आने की खबरों के बाद बागी विधायक चिंतित थे तब प्रसाद ने उनको सोफिटेल होटल में रहने और डीके शिवकुमार की चिंता ना करने को कहा था। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार मुंबई पहुंचे थे लेकिन होटल के बाहर तब सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और उनको होटल के अंदर दाखिल नहीं होने दिया गया था। यहां तक कि मुंबई पुलिस ने डीके शिवकुमार को हिरासत में भी ले लिया था।

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