लापता विधायकों के बीच एक और कांग्रेस MLA को आया फोन, 'दीवार फांदकर बाहर आओ, गाड़ी खड़ी है'
बेंगलुरु। कर्नाटक में सियासी उठापटक बेहद रोमांचक हो गई है। बीएस येदुरप्पा 104 सीटें जीतकर सीएम बन गए है लेकिन बहुमत साबित करने के लिए उन्हें 112 विधायकों के समर्थन का आंकड़ा पार करना है। ऐसे में बीजेपी की पहुंच से अपने विधायकों को दूर करने के लिए कांग्रेस-जेडीएस किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रही हैं। दोनों पार्टियों ने अपने विधायकों को गुरुवार देर रात हैदराबाद शिफ्ट कर दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एक कांग्रेसी विधायक को फोन पर बीजेपी के किसी नेता ने रिसॉर्ट की दीवार फंदकर भागने का आइडिया था।

'दीवार फांदकर बाहर आओ, गाड़ी खड़ी है'
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक कांग्रेस विधायक ने दावा किया है कि उसके पास एक बीजेपी नेता का फोन आया था। जिसमें उसने सुझाव दिया था कि वह रिसॉर्ट की दीवार फांद कर बाहर आ जाए , बीजेपी की कार उसका बाहर इंतजार कर रही है। जब यह बात विधायक ने कांग्रेसी नेताओं को बताई तो शीर्ष नेताओं ने तय किया कि, विधायकों को बेंगलुरु में रखना सुरक्षित नहीं है। जिसके बाद गुरुवार को देर रात कांग्रेस और जेडीएस ने अपने-अपने विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट कर दिया।

सुबह नौ बजे विधायक हैदराबाद पहुंचे
मालूम हो कि कल रात 12 बजे दोनों दलों के विधायकों को लेकर 3 बसें बेंगलुरू से हैदराबाद के लिए चली जो सुबह 9 बजे पहुंची हैं। पर्ल सिटी हैदराबाद लाए गए कांग्रेस विधायकों में ज्यादातर नव निर्वाचित विधायक हैं। वहीं मीडिया में चल रही कुछ खबरों में दावा किया जा रहा है कि इस समय कांग्रेस विधायकों के साथ उनके चार विधायक नहीं हैं। इन चार विधायकों में आनंद सिंह, प्रताप गौड़ा, राजशेखर पाटिल शामिल हैं।

एचडी कुमारस्वामी ने कहा, 'हमें सावधानी बरतनी होगी
इससे पहले विधायकों को बेंगलुरु से बाहर ले जाए जाने पर जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा, 'हमें सावधानी बरतनी होगी। विधायकों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए उन्हें (कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों को) एक साथ ले जाया जा रहा है। सभी विधायक बस से जा रहे हैं और एक ही जगह रुकेंगे।'
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