Karnataka Election में आरक्षण का मुद्दा: BJP-कांग्रेस का टकराव, शाह बोले- संविधान के खिलाफ, DK का करारा जवाब
कर्नाटक चुनाव 2023 से पहले रिजर्वेशन का मुद्दा सुर्खियों में है। शाह ने कांग्रेस सरकार में मिले रिजर्वेशन को संविधान के खिलाफ बताया। कांग्रेस का दावा है कि 45 दिनों बाद सरकार बदलेगी और BJP वाले प्रावधान खत्म किए जाएंगे।

Karnataka Assembly Election 2023 के लिए धुआंधार चुनाव प्रचार हो रहा है। दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अब कुछ हफ्तों का समय बाकी है। ऐसे में सियासी जनाधार मजबूत करने की हरसंभव कवायद करने में बीजेपी और कांग्रेस के हाईप्रोफाइल नेता जुटे हैं। बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक चुनावी रैली को संबोधित किया। शाह ने अल्पसंख्यकों को मिले आरक्षण को संविधान के खिलाफ करार दिया। चुनावी जनसभा से पहले शाह ने गगनचुंबी तिरंगा भी फहराया।

आरक्षण पर क्या बोले शाह
गृह मंत्री ने रिजर्वेशन के मुद्दे पर कहा, अल्पसंख्यकों को दिया गया आरक्षण संविधान के अनुसार नहीं था। धर्म के आधार पर आरक्षण देने का संविधान में कोई प्रावधान नहीं है। कांग्रेस सरकार ने अपनी ध्रुवीकरण की राजनीति के चलते अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिया। बीजेपी ने उस आरक्षण को खत्म कर दिया और वोक्कालिगा और लिंगायत समुदायों को आरक्षण प्रदान किया।
कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार का तीखा सवाल
आरक्षण भारत में सामाजिक और कानूनी के अलावा सियासी मुद्दा भी है। ऐसे में कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने भी शाह के बयान पर पलटवार किया। बता दें कि डीके कर्नाटक में पूर्व डिप्टी सीएम भी रह चुके हैं। उन्होंने कहा, कर्नाटक में आरक्षण एक मजाक बनकर रह गया है। यह असंवैधानिक है। वे (भाजपा) सोचते हैं कि आरक्षण को संपत्ति की तरह बांटा जा सकता है।
कांग्रेस की दलील- अल्पसंख्यकों के अपने अधिकार
बकौल डीके शिवकुमार रिजर्वेशन संपत्ति नहीं, अधिकार है। इस मिट्टी के अल्पसंख्यकों के अपने अधिकार हैं। हम नहीं चाहते कि उनके 4% आरक्षण को खत्म कर दिया जाए और किसी भी प्रमुख समुदाय को दे दिया जाए।
वोक्कालिगा, लिंगायत प्रमुख समुदाय
शिवकुमार ने कहा कि वोक्कालिगा, लिंगायत प्रमुख समुदाय है। इन्हें 'अन्नदाता' कहा जाता है। वे जमीन की जुताई करते हैं और भोजन देते हैं। वे ज़मींदार हैं। यह सभी समुदायों का देश है। हमारा देश हमारी संस्कृति से बहुत समृद्ध है। ये सभी हमारी समान रूप से मदद कर रहे हैं।
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कांग्रेस 45 दिनों के बाद सत्ता में आएगी
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि अल्पसंख्यकों को अपना 4% आरक्षण मिल गया है और वोक्कालिगा और लिंगायत को 2 फीसद आरक्षण बांट दिया गया है। वोक्कालिगा और वीरशैव लिंगायत इस प्रस्ताव को ठुकरा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अगले 45 दिनों के बाद सत्ता में आएगी। हम इन सभी आरक्षणों को समाप्त कर देंगे।
शाह ने 103 फीट का तिरंगा फहराया
चुनावी रैली को संबोधित करने से पहले शाह ने कर्नाटक में गगनचुंबी तिरंगा भी फहराया। बीदर में चुनावी रैली करने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और प्रदेश भाजपा प्रमुख नलिन कतील की मौजूदगी में रिमोट की मदद से 103 फीट ऊंचे हाईमास्ट पोल पर तिरंगा फहराया।
आरक्षण के मुद्दे पर CM की राय
गौरतलब है कि आरक्षण के मुद्दे पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई का रूख भी सुर्खियों में रहा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कैबिनेट ने धार्मिक अल्पसंख्यकों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत लाने का फैसला किया। कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए चार प्रतिशत कोटे को समाप्त करने और इसे चुनावी राज्य के दो प्रमुख समुदायों के मौजूदा कोटे में जोड़ने का फैसला लिया है। ओबीसी श्रेणी के 2बी वर्गीकरण के तहत मुसलमानों को दिए गए 4 प्रतिशत आरक्षण को अब दो समान भागों में विभाजित किया जाएगा। इसे वोक्कालिगा और लिंगायत के मौजूदा कोटे में जोड़ा जाएगा। इनके लिए पिछले साल बेलगावी विधानसभा सत्र के दौरान 2सी और 2डी की दो नई आरक्षण श्रेणियां बनाई गई थीं।
कन्नडिगों के लिए 80 प्रतिशत आरक्षण
बोम्मई ने कहा था कि सरकार ने "कन्नड़ को अधिकतम महत्व" दिया है और राज्य की भाषा के संबंध में कोई समझौता नहीं किया गया है। शुक्रवार को कर्नाटक रक्षण वेदिके (केआरवी) के रजत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री बोम्मई ने कहा, "जब पड़ोसी महाराष्ट्र ने सीमा पर परेशानी पैदा की तो सरकार ने अपना साहसिक रुख दिखाया। बकौल बोम्मई, कर्नाटक में संगोली रायन्ना की मूर्ति तैयार है। बसवन्ना की मूर्तियां और केम्पे गौड़ा तैयार हो रहे हैं। इन मूर्तियों को विधान सौधा के सामने स्थापित किया जाएगा। दोनों व्यक्तित्व कन्नडिगाओं (कर्नाटक की जनता) की संस्कृति, साहित्य, विरासत और प्रशासन का प्रतिबिंब हैं। उन्होंने कहा, एक रोजगार नीति तैयार की गई है। इसके तहत ग्रुप ए, बी, सी और डी समूह की नौकरी में कन्नडिगों के लिए 80 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।












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