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Karnataka Floor Test: भाजपा की एक और मांग सुप्रीम कोर्ट में खारिज, नहीं होगा गुप्त मतदान, कराई जाएगी खुली वोटिंग

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    बेंगलुरू। कर्नाटक में भाजपा के सरकार बनाने की जद्दोजहद सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है। उच्चतम न्यायालय ने भाजपा को कल शाम 4 बजे तक सदन में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया। भाजपा के वकील ने बहुमत साबित करने के लिए अधीक समय और गुप्त मतदान की मांग की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए भाजपा को कल शाम 4 बजे तक बहुमत साबित करना होगा और ये मतदान गुप्त तरीके से नहीं किया जाएगा।

    BS Yeddyurappa

    कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्ट बनकर उभरी भाजपा का कहना है कि उसके पास पूर्ण बहुमत है। गुरुवार को पार्टी से मुख्यमंत्री दावेदार बीएस येदुरप्पा सीएम पद की शपथ भी ले चुके हैं। वहीं शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक पर फैसला सुनाते हुए भाजपा को निर्देश दिया है कि उसे शनिवार शाम 4 बजे तक बहुमत साबित करना होगा।

    कोर्ट में भाजपा और कांग्रेस, दोनों के वकीलों में खूब बहस हुई। भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी ने बहुमत साबित करने के लिए अधिक वक्त मांगा था। इसके साथ ही भाजपा की तरफ से ये भी मांग की गई थी कि सदम में गुप्त मतदान हो, लेकिन कोर्ट ने दोनों ही मांग खारिज कर दी है।

    सुप्रीम कोर्ट में भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी ने मांग की थी बहुमत साबित करने के लिए जो मतदान होगा, उसे गुप्त रखा जाए लेकिन कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि बहुमत गुप्त मतदान से नहीं साबित किया जाएगा, बल्कि खुला होगा।

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    English summary
    Karnataka Assembly Election 2018: Supreme Court Denies Secret Ballot, Said It Will Be A Open Vote.

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