Kargil Vijay Diwas 2023: 'जान देने की रुत रोज आती नहीं...', जानिए 'आप्रेशन विजय' की पूरी कहानी
Kargil Vijay Diwas 2023: कारगिल विजय दिवस 2023 का इतिहास
- जिंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
- जान देने की रुत रोज आती नहीं
- हुस्न और इश्क़ दोनों को रुसवा करे
- वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं
- आज धरती बनी है दुल्हन साथियों....

ये ही जज्बा, भावना और प्रेम हर उस देश के सिपाही के मन में था जिसने सिर पर कफन बांधकर 'कारगिल' के युद्ध में पाकिस्तानियों को धूल चटाई थी। भारत केवल हमारा देश नहीं बल्कि हमारा मान, सम्मान और पहचान है। हमारा जन्म मां भारती की ही मिट्टी में हुआ है तो देश का कोई भी बच्चा कैसे बर्दाश्त कर सकता है कि उसकी मां की ओर कोई गंदी निगाहों से देखे और जो लोग ऐसी जुर्रत करते हैं उन्हें उसका खामियाजा भुगतना ही पड़ता है।
साल 1999 में पाकिस्तान ने की थी नापाक हरकत
ऐसी ही हिमाकत की साल 1999 में पाकिस्तान ने, जिसने हमारी धरती कारगिल पर अपना कब्जा करने की कोशिश की लेकिन उसे ऐसी मार पड़ी, जिसे वो ता उम्र भूल नहीं पाएगा।
हिंद की सेना के आगे कांपने लगा था पाकिस्तान
हम बात कर रहे हैं 'ऑपरेशन विजय' की, आपको बता दें कि 1999 में कारगिल-द्रास सेक्टर को पाकिस्तानी घुसपैठियों से मुक्त कराने के लिए भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' शुरू किया था। जिसके तहत हिंद की सेना ने पाकिस्तानी सेना के छक्के छुड़ा दिए थे।
'कारगिल विजय दिवस'
हमारी सेना के जवानों ने 26 जुलाई 1999 को पाकिस्तान को हराया था लेकिन इस युद्द में देश के कई वीर वीरगति को प्राप्त हुए थे। तब से देश के इन महान वीरों की याद में हर साल 26 जुलाई को 'कारगिल विजय दिवस' मनाया जाता है।
'विजय दिवस' के पूरे हुए 24 साल
आज भले ही इस युद्ध को 24 साल हो चुके हैं लेकिन ये देश कभी भी अपने वीरों के त्याग और बलिदान को भूल नहीं पाएगा। कृतज्ञ राष्ट्र अपने वीरों और शहीदों के प्रति नतमस्तक है और हमेशा रहेगा। मालूम हो कि परमाणु बम बनाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ ये पहला युद्ध था, जिसमें भारत विजयी हुआ था।
पाकिस्तान ने की थी कारगिल पर कब्जा करने की कोशिश
आपको बता दें कि मई 1999 में पाकिस्तान की सेना और कश्मीरी उग्रवादियों ने कारगिल पर कब्जा करने की कोशिश की थी। पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि कारगिल पर कब्जा करने वाले सिर्फ कश्मीरी उग्रवादी हैं लेकिन बाद की रिपोर्ट से साबित हुआ कि इस युद्ध में पाक सेना भी शामिल थी।
पाकिस्तान की बड़ी बेइज्जती हुई
कहते हैं बुरी नजर वाले कभी भी जीत नहीं सकते, भारत के शूरवीरों के आगे पाकिस्तान की सभी ताकतें परास्त हो गई और उसे वापस अपने पैर खींचने पड़े थे, इस हार के बाद इंटरनेशनल लेवल पर भी पाकिस्तान की बड़ी बेइज्जती हुई थी।
2 महीने, 3 हफ्ते और दो दिन चला था कारगिल युद्ध
मालूम हो कि ये युद्ध 3 मई 1999 से प्रारंभ होकर 26 जुलाई 1999 तक चला था। इस युद्ध में पहले पाकिस्तान ने कहा था कि उसके केवल 375 सैनिक मारे गए हैं लेकिन बाद में उसका ये दावा गलत और झूठा साबित हुआ क्योंकि इस लड़ाई में करीब 4000 पाक सैनिक मारे गए थे, जबकि हमारे देश के 543 जवान शहीद हुए थे, उन्हीं शहीदों की याद और सम्मान के लिए हर साल 26 जुलाई को ' कारगिल विजय दिवस' मनाया जाता है।












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