'गांधी परिवार पद छोड़े, चुना जाए नया अध्यक्ष', 5 राज्यों में हार के बाद कपिल सिब्बल ने उठाई मांग

जी-23 के नेताओं में सबसे ज्यादा मुखर माने जाने वाले कपिल सिब्बल ने मांग की है कि कांग्रेस में आंतरिक बदलाव किया जाए और साथ ही अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हों।

नई दिल्ली, 15 मार्च: पांच राज्यों में मिली करारी चुनावी शिकस्त के बाद कांग्रेस में एक बार फिर से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आवाज उठने लगी हैं। हालांकि रविवार को दिल्ली में बुलाई गई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी की तरफ से कहा गया कि उन्हें सोनिया गांधी के नेतृत्व पर विश्वास है और वो कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देंगी। इस बीच पार्टी के दिग्गज नेता और जी-23 के नेताओं में सबसे ज्यादा मुखर माने जाने वाले कपिल सिब्बल ने मांग की है कि कांग्रेस में आंतरिक बदलाव किया जाए और साथ ही अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हों।

'2014 के बाद से हम लगातार नीचे जा रहे हैं'

'2014 के बाद से हम लगातार नीचे जा रहे हैं'

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू के मुताबिक, कपिल सिब्बल ने कहा, 'पांचों राज्यों में कांग्रेस का जो प्रदर्शन रहा है, उससे मैं बिल्कुल भी हैरान नहीं हूं। 2014 के बाद से ही हम लगातार नीचे जा रहे हैं। यह वाकई गौर करने वाली और चिंता की बात है कि 2014 से लेकर अब तक करीब 177 सांसद और विधायक और पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े 222 उम्मीदवार कांग्रेस छोड़ चुके हैं। क्या किसी और राजनीतिक दल में इस तरह का पलायन दिखा? मैं तो 13 मार्च को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में जो फैसला लिया गया, उससे भी हैरान नहीं हूं।'

'कुकू लैंड' में रह रहे हैं कांग्रेस नेता- सिब्बल

'कुकू लैंड' में रह रहे हैं कांग्रेस नेता- सिब्बल

कपिल सिब्बल ने आगे कहा, 'अगर आठ साल में भी कोई राजनीतिक दल और उसके नेता अपने पतन या हार के कारणों का पता नहीं लगा पा रहे और इसके लिए भी उन्हें चिंतन शिविर बुलाना पड़ रहा है, तो फिर ऐसे नेता 'कुकू लैंड' में रह रहे हैं। सामने जो हकीकत है, उसपर उन्होंने अपनी आंखें बंद की हुई हैं। कांग्रेस का इतिहास कहता है कि हर साल पार्टी का अध्यक्ष बदला जाना चाहिए, लेकिन मौजूदा वक्त में हम इतना लंबा कार्यकाल देख रहे हैं। वर्किंग कमेटी की बैठक में कुछ को छोड़कर, पार्टी के प्रमुख नेताओं को लगता है कि गांधी परिवार के बिना कांग्रेस जिंदा नहीं रह सकती, लेकिन हममें से बहुत से की राय ये नहीं है।'

'घर की कांग्रेस नहीं, मुझे सब की कांग्रेस चाहिए'

'घर की कांग्रेस नहीं, मुझे सब की कांग्रेस चाहिए'

हालांकि कपिल सिब्बल ने साफ किया कि वो कांग्रेस छोड़कर किसी और पार्टी में शामिल नहीं होंगे। कपिल सिब्बल ने कहा, 'मैं आज इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि मैं कांग्रेस समर्थक हूं। मैं कभी किसी पार्टी में शामिल नहीं होऊंगा और भाजपा में तो मरते दम तक नहीं। अपने विचारों और कार्यों से मैं हमेशा एक सच्चा कांग्रेसी रहूंगा। लेकिन, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मेरी गुजारिश है कि जो नेता वर्किंग कमेटी के सदस्य नहीं हैं, उनकी भी बात सुनी जाए। मेरा व्यक्तिगत विचार है कि आज कम से कम मुझे तो, एक 'सब की कांग्रेस' चाहिए। पार्टी में कुछ नेता इसे 'घर की कांग्रेस' बनाना चाहते हैं, लेकिन मुझे घर की कांग्रेस नहीं चाहिए और मैं अपनी आखिरी सांस तक 'सब की कांग्रेस' के लिए लड़ता रहूंगा।'

'गांधी परिवार को स्वेच्छा से ही हटना होगा'

'गांधी परिवार को स्वेच्छा से ही हटना होगा'

क्या गांधी परिवार को कांग्रेस का नेतृत्व अब छोड़ देना चाहिए? इस सवाल के जवाब में कपिल सिब्बल ने कहा, 'ऐसा कोई भी व्यक्ति जो मौजूदा हालात में ही खुश है, वो इतिहास के प्रवाह के खिलाफ है। खासकर राजनीति में तो आप ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकते। उन्हें स्वेच्छा से ही हटना होगा। जिस कमेटी को आपने खुद बनाया है, उसके सदस्य आपसे कभी नहीं कहेंगे कि अब आपको नेतृत्व नहीं करना चाहिए। इसलिए, इस बारे में उन्हें खुद ही फैसला लेते हुए किसी और को मौका देना चाहिए और साथ ही देखना चाहिए कि जिसे मौका दिया गया है, वो कैसा काम कर रहे हैं। और...ऐसे व्यक्ति को नामित नहीं, बल्कि उसका चयन चुनाव से होना चाहिए।'

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