The Kashmir Files: 'राहुल जी, आपकी दादी...' विवेक अग्निहोत्री ने शेयर किया इंदिरा गांधी का पुराना लेटर
नई दिल्ली, 14 मार्च: कश्मीर से विस्थापित किए गए लाखों कश्मीरी पंडितों की कहानी को बयां करने वाली हालिया रिलीज फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' जमकर चर्चाओं में है। फिल्म की कहानी को देखते हुए कई राज्यों में इसे टैक्स फ्री कर दिया गया है। वहीं लोग भी कश्मीर की हकीकत को जानने के लिए सिनेमाघरों की तरफ रुख कर रहे हैं। ऐसे में जहां फिल्म एक तरफ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है तो दूसरी तरफ अब फिल्म के साथ राजनीति भी शुरू हो चुकी है। वहीं अब The Kashmir Files के निदेशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का एक पुराना लेटर शेयर किया है।
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केरल कांग्रेस के Tweet के बाद घमासान
हाल ही में फिल्म को लेकर केरल कांग्रेस ने एक के बाद कई ट्वीट करते हुए सवाल उठाए थे। केरल कांग्रेस ने अपने ट्वीट में दावा करते हुए लिखा था कि जम्मू-कश्मीर में साल 1990 से 2007 के दरमियान पंडितों की तुलना में मुस्लिम लोग ज्यादा मारे गए थे। इतना ही नहीं केरल कांग्रेस ने 'फैक्ट चेक' करते हुए बताया कि वो आतंकी ही थे, जिन्होंने पंडितों को निशाना बनाया। हालांकि बाद में इस ट्ववीट को हटा दिया गया था, लेकिन इससे शुरू हुआ विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है।

विवेक रंजन अग्निहोत्री ने शेयर किया पुराना लेटर
अब फिल्म के निदेशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का एक लेटर को अपने ट्वीटर पर पोस्ट किया है, जिसके साथ उन्होंने कैप्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को टैग करते हुए लिखा, 'प्रिय राहुल गांधी जी, आपकी दादी की राय अलग थी, कृपया इस पत्र को पढ़ें।'

8 जनवरी 1981 को लिखा पत्र
विवेक रंजन अग्निहोत्री के पोस्ट किए लेटर के मुताबिक पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने पत्र 8 जनवरी 1981 में अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहने वाली डॉ. निर्मला मित्रा को लिखा था। जिसमें इंदिरा गांधी लिखती हैं कि 'प्रिय डॉ. मित्रा, मेरे पास आपका पत्र 18 दिसंबर का पत्र हुआ। मैं आपकी चिंता समझती हूं। मैं भी इस बात से दुखी हूं कि ना तो आप जो कश्मीर में पैदा हुए थे, और ना ही मैं जिनके पूर्वज वहां से आए थे, दोनों ही कश्मीर में एक छोटा टुकड़ा जमीन भी नही खरीद सकते।'

'फिलहाल मामला मेरे हाथ में नहीं'
लेटर में आगे बताया गया, 'लेकिन फिलहाल मामला मेरे हाथ में नहीं है और भारतीय प्रेस, अपने विदेशी समकक्ष के साथ मुझे सत्तावादी के रूप में चित्रित करने में इतना व्यस्त है कि इससे आवश्यक चीजें करना और भी मुश्किल हो जाता है।' उन्होंने आगे लिखा था, 'लेकिन लद्दाख में कश्मीरी पंडितो और बौद्धों के साथ बहुत गलत व्यवहार किया जा रहा है और उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।'












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