कंगना के बयानों ने BJP के लिए बढ़ाई टेंशन, जेपी नड्डा ने खींची लगाम! कांग्रेस ने उठाए ये सवाल
कंगना रनौत, जो फिल्मी दुनिया से राजनीति में आई हैं और भारतीय जनता पार्टी की मंडी से सांसद हैं, एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। किसान आंदोलन पर उनके बयान ने विपक्ष को आक्रामक बना दिया है। अब जातिगत जनगणना पर उनकी टिप्पणी ने बीजेपी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
गुरुवार, 29 अगस्त को, कंगना रनौत की बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा से एक हफ्ते में दूसरी बार मुलाकात हुई। इस दौरान उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अगर उन्हें बात करनी है तो अपने संसदीय क्षेत्र के बारे में करें, नीतिगत मुद्दों पर नहीं। पार्टी ने कहा कि नीतिगत मामलों पर निर्णय शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाता है और कंगना को इन मामलों पर बोलने का अधिकार नहीं है।

किसान आंदोलन पर कंगना का बयान
एक मीडिया इंटरव्यू में कंगना ने कहा था कि किसानों के विरोध से भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा हो सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोटेस्ट के नाम पर हिंसा फैलाई गई, रेप हुए और लाशों को लटकाया गया। इस बयान के बाद पार्टी ने उनकी आलोचना की थी।
बीजेपी ने एक बयान जारी कर कहा कि कंगना रनौत को भविष्य में इस तरह के बयान देने से बचने का निर्देश दिया गया है। पार्टी ने कहा कि उनकी विवादास्पद टिप्पणियों से उन मुद्दों के भड़कने का खतरा है जिन्हें नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
जातिगत जनगणना पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कंगना रनौत का एक वीडियो शेयर किया जिसमें वह कह रही थीं कि देश में जातिगत जनगणना नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इसे बीजेपी की सोच बताया और कहा कि बीजेपी जातिगत जनगणना के खिलाफ है।
जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कांग्रेस के हमले के बाद कहा कि कंगना रनौत के बयानों से बीजेपी ने खुद को अलग कर लिया है और वह बीजेपी की अधिकृत प्रवक्ता नहीं हैं। जेडीयू देश भर में जातिगत जनगणना के पक्ष में है।
बीजेपी के लिए असहज कंगना!
कुल मिलाकर, कंगना रनौत के विवादास्पद बयानों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है और बीजेपी को असहज स्थिति में डाल दिया है। पार्टी अब उनके बयानों पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रही है, ताकि किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।












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