कंगना ने BMC के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर की 92 पेज की याचिका, इतने करोड़ का मुआवजा मांगा

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के मुंबई स्थित ऑफिस में हाल ही में बीएमसी ने अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की थी। जिसे लेकर अभिनेत्री ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपनी याचिका में संशोधन किया है और इसे 'अवैध तोड़फोड़' करार दिया है। साथ ही कंगना ने 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। याचिका के अनुसार बीएमसी ने कंगना के '40 फीसदी' ऑफिस में तोड़फोड़ की है, जिसमें 'कीमती सामान जैसे सोफा, झूमर और आर्टवर्क' भी शामिल था। जिन्हें तोड़फोड़ से पहले ऑफिस से बाहर रखा जा सकता था।

92 पेज की याचिका दायर

92 पेज की याचिका दायर

कंगना ने बीएमसी की इस कार्रवाई को 'पूर्व-निर्धारित और घोषित' बताते हुए कहा है कि नोटिस जारी करने के बाद 24 घंटों के भीतर ये तोड़फोड़ की गई है। कंगना ने उस 5 सितंबर की रिपोर्ट की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाया है, जिसका दावा बीएमसी ने किया था। बीते गुरुवार को कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने हाईकोर्ट को जानकारी दी थी कि वह सोमवार तक बीएमसी के नोटिस के खिलाफ दायर 29 पेज की अपनी उस याचिका में संशोधन करेंगे, जो उन्होंने बुधवार को जल्दबाजी में दायर की थी। कंगना की ये याचिका अब 92 पेज की हो गई है।

बीएमसी के नोटिस को रद्द करने की मांग

बीएमसी के नोटिस को रद्द करने की मांग

कंगना रनौत ने अपनी याचिका में बीएमसी के 7 सितंबर के नोटिस और 9 सितंबर के आदेश को रद्द करने की मांग की है। साथ ही बीएमसी को 9 सितंबर के तोड़फोड़ के आदेश के अनुसार आगे कोई कदम उठाने से रोकने की भी मांग की गई है। कंगना ने अपने बंगले को इस्तेमाल में लाने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने को लेकर भी अंतरिम आदेश की मांग की है। उनके वकील ने धारा 354ए के तहत बीएमसी के नोटिस का जवाब 8 सितंबर को दिया था। अब कंगना की संशोधित याचिका में कहा गया है कि उनके जवाब को सुबह 10.35 बजे अस्वीकृत किया गया था। लेकिन 'बीएमसी और पुलिस के अधिकारी वहां पहले से ही पहुंच गए थे।'

वकील को किया गया नजरअंदाज

वकील को किया गया नजरअंदाज

याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के ट्वीट में भी देखा जा सकता है कि सुबह 10.19 बजे की बुलडोजर के साथ बीएमसी और पुलिस के अधिकारी वहां मौजूद थे। इससे पता चलता है कि बीएमसी कंगना के जवाब को रद्द करने से पहले ही ठान चुकी थी उसे ऑफिस में तोड़फोड़ करनी है। इसमें कहा गया है कि कंगना के वकील उनके ऑफिस में याचिका की कॉपी लेकर अधिकारियों को ये बताने गए थे कि हाईकोर्ट में 12.30 बजे सुनवाई होगी। लेकिन फिर भी बीएमसी के अधिकारी ने ऑफिस को अंदर से बंद कर लिया और उसमें तोड़फोड़ जारी रखी। उन्होंने वकील को भी पूरी तरह से नजरअंदाज किया।

22 सितंबर को होगी सुनवाई

22 सितंबर को होगी सुनवाई

आपको बता दें कंगना के मुंबई पहुंचने से कुछ घंटों पहले ही शिवसेना शासित बीएमसी ने कंगना के ऑफिस में तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। दरअसल हाल ही में कंगना ने अपने ट्वीट्स में महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस पर निशाना साधा था। जिसके बाद शिवसेना नेता संजय राउत से उनकी जुबानी जंग भी हुई थी। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को ऐसा करने पर रोक लगा दी थी। कंगना के वकील को याचिका संशोधित करने के लिए 14 सितंबर तक का समय दिया गया था। अब मामले की अंतिम सुनवाई 22 सितंबर को होगी और तब तक बीएमसी की कार्रवाई पर रोक ही लगी रहेगी।

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