तमिलनाडु से ज्यादा दिल्ली में है कमल हासन और रजनीकांत की सियासी चर्चा: कनिमोझी
नई दिल्ली। राज्य सभा सांसद कनिमोझी ने गुरुवार को द प्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को राहुल गांधी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के समर्थन में खड़ा है लेकिन उन्होंने साथ में यह भी कहा कि व अन्य किसी नाम के विरोध में भी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह DMK की पसंद है हम यह नहीं कह रहे हैं कि हर किसी को इसे स्वीकार करना होगा या हम जो कहते हैं उसके साथ चलना होगा। हम सबसे अच्छा नाम देखना चाहते हैं। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम किसी अन्य के नाम के विरोध में हैं।

कमल हासन और रजनीकांत की राजनीति ने दिल्ली के मीडिया पर डाला प्रभाव
बता दें कि इससे पहले दिसंबर में डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा था कि सभी दल गांधी को पीएम उम्मीदवार के रूप में समर्थन देंगे। कनिमोझी ने यह भी कहा कि पिछले साल तमिल सुपरस्टार कमल हासन की पार्टी की शुरूआत और रजनीकांत की राजनीति में संभावित प्रवेश तमिलनाडु की राजनीति की तुलना में दिल्ली में पत्रकारों पर अधिक प्रभावी लगती है। उन्होंने कहा कि मैं यह अनुमान नहीं लगा सकते की चुनाव क्या कहेंगे। रजनीकांत ने अब तक अपनी पार्टी शुरू करने की घोषणा नहीं की है और हम लोकसभा चुनाव से सिर्फ एक या दो महीने दूर हैं।

कमल हासन की पार्टी के साथ गठबंधन से इनकार
कनिमोझी ने कहा कि मैं वास्तव में नहीं जानती कि उनकी योजनाएं क्या हैं। हालांकि कनिमोझी ने डीएमके की ओर से कमल हासन के मक्कल निधि मय्यम के साथ गठबंधन करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मैं वास्तव में इसके बारे में कुछ नहीं कह सकती। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस समय स्थिति क्या होगी और पार्टी के नेता क्या चाहते हैं। कनिमोझी ने इंटरव्यू में कहा कि द्रमुक ने कांग्रेस के साथ सहयोगी होने का अपना निर्णय बहुत स्पष्ट कर दिया है। इसमें कोई अस्पष्टता नहीं है, लेकिन पार्टियो को सीट बंटवारे पर निर्णय लेना बाकी है। सीट बंटवारे पर कनिमोझी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई निर्णय लिया गया है। औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है, मुझे लगता है कि यह फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा।

AIADMK बीजेपी की टीम बन गई है
वही अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और बीजेपी के सवाल पर उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों में, जयललिता के नेतृत्व में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने राज्य की 39 लोकसभा सीटों में से 37 पर जीत हासिल की। बीजेपी और उसके सहयोगी दल पट्टली मक्कल काची (पीएमके) के खाते में केवल 1-1 जीत आई। कनिमोझी ने कहा कि 2016 में जयललिता की मृत्यु के बाद, DMK के कट्टर प्रतिद्वंद्वी ने अपनी पहचान खो दी। उन्होंने कहा कि जयललिता के बाद मुझे लगता है कि AIADMK बीजेपी की टीम बन गई है। मैं वर्तमान में AIADMK के बारे में कुछ और नहीं कह सकती।












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