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कल्पना चावला: वो 'अंतरिक्ष परी' जो अब हमारी कल्पनाओं का हिस्सा हैं

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    कल्पना चावला
    BRUCE WEAVER/AFP/Getty Images
    कल्पना चावला

    कुछ लोग मरने के बाद भी मुद्दतों याद किए जाते हैं. नासा की अंतरिक्ष वैज्ञानिक रहीं कल्पना चावला का नाम भी ऐसे ही लोगों में शुमार होता है.

    17 मार्च 1962 को पैदा हुईं कल्पना चावला हरियाणा के करनाल कस्बे में पली-बढ़ी थीं.

    अंतरिक्ष में कदम रखने वाली पहली भारतीय महिला कल्पना ने करनाल के ही टैगोर स्कूल से 1976 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की.

    इसके बाद 1982 में उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से वैमानिक इंजीनियरिंग की डिग्री पाई.

    फिर वह पढ़ाई के लिए अमरीका चली गईं, जहाँ 1984 में टेक्सस विश्विद्यालय से उन्होंने अंतरिक्ष वैमानिकी में मास्टर्स की डिग्री हासिल की.

    इसी विषय में 1988 में उन्होंने डॉक्टरेट किया, अमरीका के ही कोलोराडो विश्विद्यालय से.

    कल्पना चावला
    NASA/Getty Images
    कल्पना चावला

    नासा में

    कल्पना अमरीकी अंतरिक्ष संस्था नासा से 1988 में जुड़ीं. तब उन्होंने फ़्लुइड डायनमिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अनुसंधान किया.

    इसके पाँच साल बाद वह कैलीफ़ोर्निया की कंपनी ओवरसेट मेथड्स में उपप्रमुख नियुक्त की गईं.

    वहाँ भी उन्होंने एयरोडायनमिक्स के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण अनुसंधान किए. उनके अनुसंधान पेपर अनेक नामी जर्नल में छपे.

    https://twitter.com/virendersehwag/status/974892647759282176

    करनाल की बेटी

    नासा ने 1994 में उन्हें संभावित अंतरिक्ष यात्रियों के रूप में चुना. कल्पना ने मार्च 1995 में जॉन्सन अंतरिक्ष केंद्र में दाखिला लिया.

    उन्हें अंतरिक्ष यात्रियों के पंद्रहवें दल में शामिल किया गया. साल भर के प्रशिक्षण के बाद उन्हें अंतरिक्ष यानों की नियंत्रण व्यवस्था की जाँच के काम में लगाया गया.

    नवंबर 1996 में घोषणा की गई कि उनके एसटीएस-87 मिशन में विशेषज्ञ की हैसियत से भाग लेने की घोषणा की गई.

    और साल भर बाद 19 नवंबर 1997 को वह दिन आया जब करनाल की बेटी कल्पना चावला ने अंतरिक्ष के गहन अँधेरे में भारत का नाम रोशन किया.

    उन्होंने 376 घंटे 34 मिनट अंतरिक्ष में बिताए. कई महत्वपूर्ण प्रयोगों को अंजाम देते हुए कल्पना ने तब धरती के 252 चक्कर लगाए यानि 65 लाख मील की दूरी तय की.

    https://twitter.com/iBhanuPriya/status/974947155071795201

    मिशन विशेषज्ञ कल्पना

    अमरीकी अंतरिक्ष संस्था नासा ने अपने विशुद्ध अनुसंधान उद्देश्यों के लिए भेजे गए अंतरिक्ष मिशन में भारतीय मूल की महिला कल्पना चावला को भी शामिल किया था.

    नासा ने न सिर्फ़ दूसरी बार कल्पना को अंतरिक्ष में भेजने का फ़ैसला किया, बल्कि सात सदस्यीय मिशन टीम में उन्हें महत्वपूर्ण स्थान भी दिया था.

    सोलह दिवसीय मिशन में वह विशेषज्ञ के रूप में शामिल की गईं.

    नासा के जनवरी 2003 के अभियान एसटीएस-107 के लिए कल्पना को मिशन विशेषज्ञ के रूप में अंतरिक्ष प्रयोगों के लिए चुना गया था.

    https://twitter.com/DrKumarVishwas/status/974935164907327488

    लेकिन एक फरवरी, 2003 को अमरीका के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र पर उतरने से पहले अमरीकी अंतरिक्ष यान कोलंबिया दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

    इस हादसे में भारतीय मूल की कल्पना चावला सहित सातों अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई.

    यह यान कल्पना चावला सहित सात अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर 16 जनवरी, 2003 को अंतरिक्ष के लिए रवाना हुआ था.

    कल्पना चावला को याद कर रहे लोगों के कुछ चुनिंदा ट्वीट्स

    https://twitter.com/sanjaydalmia17/status/974946431164334080

    https://twitter.com/KaabiraSpeaking/status/974944077371158528

    https://twitter.com/neeraj_patne/status/974943663494135808

    https://twitter.com/anupjalota/status/974943619353403393

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    BBC Hindi
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    English summary
    Kalpana Chawla The space fairy which is now part of our fantasy

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